परिवार के साथ बांग्लादेश के मुक्ति योद्धा
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भारत से हमारे आत्मीय संबंध : हसन
मुक्ति योद्धाओं के साथ आए बांग्लादेश के मेजर जनरल कमरुल हसन ने कहा कि भारत के साथ हमारे आत्मीय संबंध है। दोनों देशों के नागरिकों और सेना के बीच भी दोस्ताना संबंध हैं, जोकि बरसों से कायम हैं। यह हमारे लिए गौरव के क्षण हैं कि हम मुक्ति योद्धाओं के साथ आगरा भ्रमण करने के लिए पहुंचे हैं। उन्होंने हाल में हादसे में शहीद हुए भारतीय सेना के सीडीएस जनरल बिपिन रावत को बांग्लादेश का मित्र बताया। उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया।
'हमें उस युद्ध पर गर्व है'
मुक्ति योद्धा गौतम नारायण राय चौधरी ने बताया कि उस युद्ध को याद करके ही सिहर उठते हैं। वह संघर्ष का दौर था, भारत की सेना के बगैर पाकिस्तान की गुलामी से निजात मिलना ही कठिन था। मुक्ति वाहिनी को भारतीय सेनाओं ने काफी मदद की। हमने भी उस युद्ध में अपनी जान की बाजी लगाकर लड़ाई लड़ी। आज हमें इस पर गर्व है।
'तो बांग्लादेश नहीं होता'
मुक्ति योद्धा गहूर चंद्र ने कहा कि उस युद्ध में शहीद होने वाले हर सैनिक के बलिदान को याद रखा जाना चाहिए। भारत हमारा सबसे करीबी पड़ोसी है और हमारे रिश्ते अच्छे रहे हैं। 1971 का युद्ध नहीं होता तो शायद बांग्लादेश भी नहीं होता। हमें अच्छा लग रहा है कि हम भारत में आए हैं। यहां के लोगों से मिलने और संस्कृति को समझने में आसानी होगी।
ट्रेन की हर बोगी को सजाया गया
दिल्ली से आई स्पेशल ट्रेन की हर बोगी को विजय दिवस की याद को संजोने के लिए सजाया गया था। स्टेशन पर यात्रियों में ट्रेन के साथ सेल्फी लेने की होड़ मच गई। शाम को यह ट्रेन दिल्ली के लिए लौट गई। डीसीएम एसके श्रीवास्तव ने बताया कि रेलवे की ओर से मुक्ति योद्धाओं का स्वागत किया गया।