फोटो 106, संजय गोयल
फोटो 107, चौधरी रामवीर सिंह
संयुक्त व्यापार मंडल ने दुर्घटना बीमा की राशि दोगुना करने की मांग, नेशनल चैंबर ने 28 सूत्री मांगों के लिए वित्तमंत्री को भेजा है पत्र
माई सिटी रिपोर्टर
आगरा। अगले महीने में बजट आएगा, ऐसे में आगरा के व्यापारी, किसानों ने सरकार को मांगे भेजी हैं। इसमें टीटीजेड की बंदिशों को देखते हुए व्यापारियों ने आगरा को विशेष आर्थिक जोन घोषित करने की मांग की है। किसानों ने आलू प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की जरूरत बताई है।
आगरा में करीब 80 हजार हेक्टेयर जमीन पर आलू की बुवाई होती है। लंबे समय से किसान आलू प्रोसेसिंग यूनिट की मांग कर रहे हैं। इसके लिए आंदोलन भी किए गए हैं। किसानों का तर्क है कि जिले में बेहतर गुणवत्ता का आलू उगाया जाता है। आलू प्रोसेसिंग यूनिट शुरू होने से किसानों की आमदनी बढ़ने के साथ युवाओं को भी रोजगार मिलेगा। व्यापारियों ने टीटीजेड की बंदिशों से सिमटते उद्योगों का हवाला देते हुए सरकार से आगरा को विशेष आर्थिक जोन घोषित करते हुए पैकेज जारी करने की मांग की है। नेशलन चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स ने वित्त मंत्री को पत्र लिख 28 मांगे भेजी हैं। कर प्रशासन प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए व्यापारियों की अपीलों का समय पर निपटारा किया जाना चाहिए। कर माफी योजना को पर अमल किया जाए।
व्यापारियों को 20 लाख रुपये तक बीमा देने की मांग
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल ने वित्तमंत्री को पत्र लिखकर व्यापारियों के हितों में जीवन दुर्घटना बीमा की राशि में वृद्धि और जीएसटी नोटिस प्रक्रिया में बदलाव की मांग की है। मंडल अध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने कहा कि व्यापारियों का जीवन दुर्घटना बीमा को 10 से बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया जाए। प्रदेश महामंत्री निधि अग्रवाल ने कहा कि जीएसटी विभाग से व्यापारियों को भेजे जाने वाले नोटिस मेल के बजाय डाक से भेजने की व्यवस्था करने की मांग की।
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ये बोले व्यापारी-किसान:
आर्थिक पैकेज से व्यापारियों को राहत
- नेशनल चैंबर के अध्यक्ष संजय गोयल का कहना है कि टीटीजेड की बंदिशों से व्यापार सिमट रहे हैं। नए उद्यम लगाना संभव नहीं है। ऐसे में सरकार बजट में आगरा को विशेष आर्थिक जोन घोषित करते हुए पैकेज दे, इससे व्यापार के साथ रोजगार भी बढ़ेगा।
प्रोसेसिंग यूनिट से किसानों की दोगुना होगी आय
- किसान नेता चौधरी रामवीर सिंह ने कहा कि आलू प्रोसेसिंग यूनिट बनने से किसानों को आलू की अच्छी कीमत मिलेगी। इससे आलू आधारित उद्यम स्थापित होंगे। इससे किसानों के साथ शहर का भी भला होगा। रोजगार और उद्यम को भी बढ़ावा मिलेगा।