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आगरा में सपा का हल्ला बोल: मार्च रोकने पर जमकर हुई नोकझोंक, शहरभर में प्रदर्शन; पुलिस लाइन में दिया धरना

Wed, 22 Jul 2026 10:52 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

सपा कार्यकर्ताओं के कलक्ट्रेट तक मार्च निकालने को लेकर रास्तों में तैनात पुलिसकर्मियों के साथ तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। जोरदार नारेबाजी और हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने कार्यकर्ताओं को बसों में बिठाया और पुलिस लाइन भेज दिया। पार्टी कार्यालय पहुंचे अन्य कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में ले लिया गया।
 
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प्रदर्शन करते सपा नेता। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में रखने के विरोध में बुधवार को दूसरे दिन भी शहरभर में समाजवादी पार्टी ने प्रदर्शन किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के लिए पूर्व निर्धारित संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ मार्च पुलिस-प्रशासन ने नहीं निकलने दिया। 50 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया, जहां सपाइयों ने केंद्र सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया।
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नीट पेपर लीक कांड और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर दिल्ली से आगरा तक सियासी पारा गर्म है। महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास के आह्वान पर पूर्व निर्धारित जनाक्रोश मार्च को रोकने के लिए बुधवार सुबह से ही जगह-जगह पुलिस मुस्तैद रही। मंगलवार देर रात ही पुलिस ने सपा जिलाध्यक्ष ऊदल सिंह कुशवाहा, एत्मादपुर में डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान, फतेहाबाद रोड पर ममता टपलू सहित कई प्रमुख नेताओं को उनके घरों में नजरबंद कर दिया था। 

 

नेताओं की नजरबंदी के बावजूद बुधवार सुबह डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क बिजलीघर और पार्टी कार्यालय के अलावा दर्जनों जगह सैकड़ों कार्यकर्ता जुट गए। यहां से कलक्ट्रेट तक मार्च निकालने को लेकर रास्तों में तैनात पुलिसकर्मियों के साथ सपाइयों की तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। जोरदार नारेबाजी और हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने कार्यकर्ताओं को बसों में बिठाया और पुलिस लाइन भेज दिया। पार्टी कार्यालय पहुंचे अन्य कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में ले लिया गया।

दोपहर 3 बजे रिहाई के बाद सपा नेताओं ने कहा कि सरकार छात्रों और नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। पेपर लीक और युवाओं पर पुलिसिया दमन सरकार की विफलता है। नैतिकता के आधार पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण विरोध संवैधानिक अधिकार है और रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई जैसी तानाशाही के खिलाफ सपा का संघर्ष जारी रहेगा। उधर, सपा छात्र सभा ने पीएम का पुतला लेकर प्रदर्शन किया। इधर, सेंट जोंस चौराहे पर सपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से जमकर नोकझोंक हुई।

 
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इन प्रमुख नेताओं को लिया गया हिरासत में
हिरासत में लिए गए पदाधिकारियों में मुख्य रूप से सपा प्रदेश सचिव राहुल चतुर्वेदी, महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास, महिला सभा प्रदेश सचिव मुन्नी बेगम के अलावा व्यापारी नेता मनोज गुप्ता, पूर्व पार्षद दल नेता राहुल चौधरी, पूर्व प्रदेश सचिव नितिन कोहली, फतेहाबाद से राजेश शर्मा, बाह के सुधीर दुबे, लल्ला गुर्जर, जिला महासचिव संतोष पाल बघेल, पूर्व प्रदेश सचिव राजपाल यादव और रामसहाय यादव, पवन प्रजापति, शहर महासचिव पुष्पेंद्र शर्मा, राजीव पोद्दार, राकेश अग्रवाल, राजीव सविता, जिया चौधरी, सुरेश चाहर, देवेन्द्र यादव, सुलेखा श्रीवास्तव, प्रियंका चौहान, रूबी सिंह, डॉ. सीमा जाटव, अजीज अब्बास, सचिन बघेल, देशप्रिय बघेल, गिरीश गोयल, इमरान कुरैशी, बलबिंदर सिंह जाटव, हरेश जादौन सहित बड़ी संख्या में हिरासत के बावजूद कार्यकर्ताओं ने पुलिस लाइन में प्रदर्शन किया।


50 सपा नेता और कार्यकर्ताओं को पुलिस लाइन लाया गया था। उनसे शांतिपूर्ण माहौल में वार्ता की गई। ज्ञापन देने के बाद सभी को जाने दिया गया। ज्ञापन में नीट पेपर लीक मामले की जांच की मांग की गई है। -सय्यद अली अब्बास, डीसीपी सिटी
 
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