कासगंज के गंजडुंडवारा के पंचायती बाग मंदिर पर वट वृक्ष की पूजा करती सुहागिनें ।
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कासगंज/सोरोंजी/गंजडुंडवार्रा। सोमवती अमावस्या पर भीषण गर्मी को दरकिनार कर बड़ी तादात में श्रद्धालु गंगास्नान को पहुंचे। श्रद्धालुओं की भीड़ ने पिछले 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। सोमवार को अधिकतम पारा 42 डिग्री पर था। जिले के गंगाघाटों पर 6 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के गंगास्नान करने का दावा प्रशासन कर रहा है। हरि की पौड़ी, लहरा, सहवाजपुर, कादरगंज व कछला गंगाघाट पर श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ का आलम पूरे दिन बना रहा।
ज्येष्ठ अमावस्या पर सोमवती स्नान होने का विशेष धार्मिक महत्व है। रविवार को भी श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। इन श्रद्धालुओं ने घाटों पर बनी धर्मशालाओं व पेड़ों के नीचे डेरा जमा लिया था। वहीं तीर्थनगरी में तीर्थपुरोहितों के आवासों, धर्मशालाओं, गेस्ट हाउस व मंदिरों के आस पास श्रद्धालु डेरा जमाए नजर आ रहे थे। पूरी रात श्रद्धालु गंगाघाटों पर पहुंचते रहे। गंगाघाटों पर श्रद्धालुओं ने घंटा घड़ियालों के बीच गंगा में डुबकी लगाई। तमाम श्रद्धालुओं ने मां गंगा का दुग्धाभिषेक किया। हर घाट पर श्रद्धा और भक्ति का अलग-अलग मंजर दिखाई दे रहा था। लहरा गंगाघाट पर गंगा की धारा किनारे से करीब 3 से 4 किलोमीटर दूर थी। यहां पहुंचने के लिए तमाम श्रद्धालु गरम रेत पर होकर गंगा की धारा तक पहुंच रहे थे।
तमाम लोग अपने बच्चों को कंधे पर बैठाकर गरम रेत में चलने से बचा रहे थे। लहरा गंगाघाट पर श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ का आलम था। यही आलम कछला गंगाघाट पर भी था। यहां गंगा की धारा तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को कम दिक्कतें उठानी पड़ी। यहां भी श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर रहे थे और गंगास्नान कर रहे थे। कादरगंज गंगाघाट पर भी जबरदस्त भीड़ का आलम रहा। यहां भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगास्नान को पहुंचे। सहवाजपुर गंगाघाट पर भी भीड़ थी, लेकिन दबाव कम था। वहीं तीर्थनगरी सोरोंजी की हरि की पौड़ी पर श्रद्धालु गंगास्नान कर रहे थे। गंगास्नान को पहुंचे श्रद्धालुओं में जहां स्थानीय श्रद्धालु मौजूद थे। उन श्रद्धालुओं से कई ज्यादा राजस्थान, मध्यप्रदेश, आगरा, हाथरस, एटा व अन्य जनपदों के श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक थी। सोमवार की सायं तक गंगास्नान का सिलसिला चलता रहा।