सोमवती अमावस्या पर कछला गंगाघाट पर तीन बालकों की स्नान करने के दौरान डूबने से मौत हो गई। काफी मशक्कत के बाद उनके शव बरामद किए गए।
बालकों को बचाने के प्रयास में उनका चाचा भी डूब गया जिसे गोताखोरों ने बचा लिया। जबकि दूसरी घटना में भैंस चराने के दौरान पटियाली के नगला दुर्गू में दो बालक गंगा स्नान के दौरान गंगा में डूबने से मौत गई। बालकों के शव भी बरामद कर लिए गए।
कछला गंगाघाट पर दोपहर के समय गंगा में डूबने का हादसा हुआ। बताया गया कि राजस्थान के दौसा जनपद के बांदीकुई थाना क्षेत्र के गांव बसवा के श्रद्धालु गंगा स्नान को आए थे। गंगा स्नान के दौरान तीन बालक दिलखुश (11) पुत्र केशराम मीणा एवं उसका चचेरा भाई नितीश (10) पुत्र चेतराम गंगा में डूब गए।
बालकों को डूबते देख चाचा धरम सिंह की नजर बालकों पर पड़ी। उन्होंने बालकों को बचाने की कोशिश की लेकिन बालकों को नहीं बचा सके। वह खुद भी डूबने लगे। गोताखोरों ने चाचा धरम सिंह को बचा लिया।
राजस्थान के ही धौलपुर के मोहल्ला मैसाना निवासी नेम सिंह का 4 वर्षीय पुत्र शिवम गंगास्नान करते समय गहरे पानी में चला गया। और डूबने से उसकी मौत हो गई। बालक के शव को पुलिस ने बरामद कर लिया। बदायूं की कछला चौकी पुलिस ने तीनों बालकों के पंचनामा की कार्रवाई की।
दूसरी घटना पटियाली के नगला दुर्गू में हुई। जिसमें हिमाचल (10) पुत्र पप्पू, सचिन (11) पुत्र ऐबरन डूब गए। बताया गया कि गंगा के पानी में एक खरबूजा तैर रहा था। इस खरबूजे को निकालने के लिए दोनों बालक गहरे पानी में चले गए और डूब गए।
इन्हें बचाने की कोशिश दीपक (13) पुत्र धरमवीर, भरद्वाज (8) पुत्र लल्लन ने की, लेकिन इन दोनों को सफलता नहीं मिली। दोनों ही बालकों ने गांव में पहुंचकर सूचना दी। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर दोनों ही बालकों के शव बरामद किए। बालकों के परिवार में कोहराम मचा हुआ।