एटा जिले के थाना नयागांव क्षेत्र में रविवार को दर्दनाक हादसा हो गया। 50 फीट गहरी बोरवेल की सफाई करने के लिए उतरे मजूदरों पर मिट्टी की ढाय गिर गई। उसमें दो मजदूर दब गए। इनको निकालने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से सात घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन दोनों की जान नहीं बच सकी। हादसे से मृतकों के परिवार में कोहराम मच गया।
थाना क्षेत्र के गांव कुढ़ा निवासी नवरतन सिंह पुत्र महेंद्र सिंह के खेत पर ट्यूबवेल लगा हुआ है। खेत पर ही पक्की कोठरी के अंदर बोरवेल है। इसके खराब होने के चलते उसमें नीचे फंसी ईंटों को निकालने के लिए नवरतन रविवार की सुबह पड़ोसी गांव बृह्मपुरी, थाना मेरापुर (फर्रूखाबाद) से पांच मजदूरों को लेकर आ गया।
बोरवेल के ऊपरी हिस्से से ईंटे निकालने के बाद मजदूर राजकुमार और छोटे लाल को ईंटें निकालने के लिए बोरवेल में उतार दिया। बोरवेल में नीचे मजदूर काम कर रहे थे, तभी ऊपर से मिट्टी की ढाय गिर गई। इससे राजकुमार और छोटे लाल 50 फीट गहरी बोरवेल में दब गए।
शाम छह बजे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की खबर थाना पुलिस के साथ ही सीओ अलीगंज अजय सिंह भदौरिया और एसडीएम अलीगंज पीएल मौर्य को दी गई। दोनों अधिकारी मौके पर पहुंचे और जेसीबी मंगाकर मजदूरों को निकालने के लिए तकरीबन 11 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करा दिया गया।
जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी सुखलाल भारती और एसएसपी सुनील कुमार सिंह भी पहुंच गए। मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन तकरीबन छह बजे तक चला, लेकिन तब तक मिट्टी में दबे दोनों मजदूरों ने दम तोड़ दिया।
एसएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि बोरवेल में दबे मजदूरों को निकालने के लिए 11 बजे से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया था, शाम 6:30 बजे तक दोनों मजदूरों के शव निकाल लिए गए। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पहले भी हो चुका है ऐसा ही हादसा
थाना क्षेत्र के गांव भग्गू में चार अप्रैल 2020 को इसी तरह का हादसा हो चुका है। लॉकडाउन शुरू होने के बाद दिल्ली से गांव पहुंचे अंकित (26) रामवीर सिंह ने बोरवेल में लगी ईंटों को निकालना शुरू किया था।
तभी मिट्टी धंसकने से बोरवेल में गिर गया था। इसको चार घंटे की मशक्कत के बाद बोरवेल से जिंदा तो निकाल लिया था, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद से क्षेत्र के लोग सचेत नहीं हुए और अब यह हादसा हो गया।