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मुजफ्फरनगर हादसाः मृतकों की शिनाख्त में सोशल मीडिया ने यूं निभाया अहम रोल

Mon, 21 Aug 2017 02:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला जगनेर (आगरा)
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‌र‌िंकी - फोटो : अमर उजाला
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कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस से अपने बुआ फूफा के साथ शनिवार को हरिद्वार जा रही आगरा की रिंकी का मुजफ्फर नगर के खतौली में हादसे के बाद कोई पता नहीं था। आगरा से देर रात खतौली में पहुंचे परिवारीजन भी लाशों के बीच अपनी रिंकी की तलाश में नाकाम हो गए थे। 
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वहीं सेना के जवानों ने रिंकी के पास मिले मोबाइल में मिले नंबरों पर उसका फोटो भेज दिया। जगनेर में रहने वाली रिंकी की बुआ की बेटी पिंकी ने जब अपने मोबाइल पर रिंकी का मृतावस्था का फोटो देखा तो कोहराम मच गया। 

इसके बाद ही जगनेर से रिंकी के रिश्तेदारों ने खतौली पहुंचे परिवारीजनों को फोटो भेजकर रिंकी के मृत होने की जानकारी दी। तब कहीं जाकर रिंकी के परिवारीजनों ने शव की शिनाख्त की। 
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होनहार थी रिंकी

परिवारीजनों ने बताया कि पढ़ाई में होशियार रिंकी पचौरी का सपना शिक्षिका बनने का था। घरवालों ने बताया कि रिंकी (22) ने हाल ही में बीएससी उत्तीर्ण की थी। वह बीएड की तैयारी कर रही थी। छह भाई बहनों में सबसे बड़ी रिंकी का परिवार कसबे की साईं धाम कालोनी में रहता है। 

पिता रामनिवास का ट्रांसपोर्ट का कारोबार है। पिता कामकाज के सिलसिले में अकसर ही घर से बाहर रहते हैं। ऐसे में घर की पूरी जिम्मेदारी रिंकी ही संभालती थी। रिंकी की छोटी बहन और चार भाइयों को हादसे की खबर मिली तो उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। 
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...और सुरक्षित हरिद्वार पहुंची कविता

कलिंग उत्कल एक्सप्रेस में नगला अजीता सेक्टर आठ की कविता शर्मा अपने मौसा शिव कुमार और मौसी सरल के साथ हरिद्वार जाने को रवाना हुई थीं। कविता के बेटे अंकित ने बताया कि सभी लोग बोगी एस आठ में थे। हादसे के बाद घरवालों का बुरा हाल था। स्टेशन पर जानकारी नहीं मिली।

मौसा का मोबाइल हादसे में कहीं गुम हो गया। इससे संपर्क नहीं हो सका। अंकित ने बताया कि तीनों को मामूली चोटें आई हैं। हादसे के बाद देर रात उन्होंने किसी दूसरे के मोबाइल से घर पर सुरक्षित पहुंचने की सूचना दी। इसके बाद सभी लोग हरिद्वार चले गए। 
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