इमरजेंसी प्रभारी डॉ. चंद्रप्रकाश गौतम ने बताया कि सांप-जहरीले कीड़े के काटने का इलाज और जांच की इमरजेंसी में सुविधा है। यहां पर होल ब्लड क्लोटिंग टेस्ट की सुविधा है। इससे जहर की पहचान की जाती है। यहां एंटी वेनम इंजेक्शन भी हैं। उन्होंने बताया कि बीते 10-15 दिन से मरीज आने लगे हैं। इनमें 30 फीसदी लोगों को कोबरा-करैट प्रजाति के सर्प ने काटा था। इलाज के बाद ये ठीक हो चुके हैं। सांप काटने पर बायगीर के पास नहीं जाएं, जितनी जल्दी हो सके अस्पताल में भर्ती कराएं।
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ये करें:
1. सांप के डसने पर घबराएं नहीं, इससे रक्तचाप बढ़ने से जहर का प्रसार शरीर में तेजी से होता है।
2. सर्पदंश वाले स्थान पर चीरा न लगाएं, मुंह से जहर पीने से शरीर में संक्रमण फैल सकता है।
3. जिस हिस्से को सांप ने काटा है, उस हिस्से को हृदय के मुकाबले झुकाव करते हुए अस्पताल लाएं।
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