औसतन सप्ताहभर में 5-7 ग्राम तक प्लास्टिक शरीर में पहुंच रहा था। इस तरह रोजाना दो सिम के बराबर प्लास्टिक शरीर में पहुंच रहा था। बांझपन पीड़ित महिलाओं में बिस्फेनॉल रसायन करीब चार गुना अधिक मिला। ये रसायन प्लास्टिक में पाया जाता है। पूछताछ में पाया कि इन महिलाओं के घर में प्लास्टिक का सामान अधिक उपयोग होता है।
जानें, क्या है बिस्फेनॉल-ए रसायन
बिस्फेनॉल सिंथेटिक कार्बनिक रसायनों का एक समूह है। इनका मुख्य उपयोग पॉलीकार्बोनेट प्लास्टिक और एपॉक्सी रेजिन बनाने के लिए किया जाता है। इनमें सबसे चर्चित रसायन बिस्फेनॉल ए है। इसका उपयोग पानी की बोतलें, खाद्य कंटेनर और डिब्बों की अंदरुनी परत को मजबूत करने में होता है।
ये दिए सुझाव:
बच्चों को प्लास्टिक की बोतल, टिफिन में खाना न दें।
नॉन स्टिक कड़ाही में प्लास्टिक की चम्मच बंद करें।
पॉलिथीन में खाने-पीने का कोई सामान पैक न कराएं।
प्लास्टिक की बजाय धातु-कांच के बर्तन उपयोग करें।
घी, तेल समेत अन्य तरल सामग्री प्लास्टिक की कट्टी में न रखें।
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