एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन आकार में छोटी होने पर 1500 पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट) किट को लौटाएगा। इनको बदलकर यूनीवर्सल आकार की किट मांगी हैं। प्राचार्य डॉ. संजय काला के निरीक्षण के दौरान स्टाफ ने इन किट के बारे में शिकायत की थी।
प्राचार्य ने चिकित्सकीय टीम के साथ इमरजेंसी, कोविड अस्पताल, वायरोलॉजी लैब, आठ मंजिला इमारत, कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी। इमरजेंसी में मरीजों के देखने के दौरान व्यवस्थाएं भी देखीं। इनमें खामियों को दूर करते हुए प्लान तैयार किया है।
नवागत प्राचार्य ने कोविड अस्पताल का निरीक्षण कर पीपीई किट, मास्क, सैनिटाइजर की उपलब्धता की जांच की। इसमें आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटी देने वाले चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ से भी परेशानी की बात पूछी। स्टाफ ने बताया कि किट का आकार यूनीवर्सल नहीं है, जिससे अच्छी लंबाई-चौड़ाई वाले चिकित्सक-स्टाफ के पीपीई किट छोटी पड़ती हैं। उन्होंने यूनीवर्सल आकार की किट की मांग की। इस पर प्राचार्य ने तत्काल इसका आदेश जारी कर दिया है।
डॉ. संजय काला ने बताया कि चिकित्सकों ने पीपीई किट को यूनीवर्सल आकार की मंगवाने को कहा था। इस पर इनको बदलवाया जा रहा है। कोरोना संक्रमित समेत सभी मरीजों के बेहतर इलाज के लिए मास्टर प्लान बनाया जा रहा है।
चार हजार पीपीई किट मिलीं
एसएन मेडिकल कॉलेज को चार हजार पीपीई किट मिली हैं। इनमें से तीन हजार डीएम की ओर से प्राप्त हुई हैं। एक हजार पीपीई किट प्राचार्य के परिचित ने एसएन को दान में दी हैं।
यह लिए महत्वपूर्ण निर्णय
1. इमरजेंसी: आने-जाने का रास्ता अलग होगा
इमरजेंसी में मरीजों के प्रवेश और बाहर जाने का अलग-अलग रास्ता होगा। इसके लिए इमरजेंसी में जल्द कार्य शुरू करा दिया जाएगा। गेट पर ही मरीजों की स्क्रीनिंग की जाएगी। मरीजों के गर्मी से बचाने के लिए परिसर में पंखे लगवाए जाएंगे।
2. कोविड अस्पताल: 40 एसी खरीदे जाएंगे
- कोविड अस्पताल में विंडो एसी लगाए जाएंगे, जिससे चिकित्सक-स्टाफ को गर्मी नहीं लगे। दरअसल, पीपीई किट पहनने के बाद स्टाफ का गर्मी से बुरा हाल होता है। उनको परेशानी से बचाने के लिए एसी लगेंगे। 40 एसी खरीदे जाएंगे।
3. 100 बेड का आइसोलेशन वार्ड
- बाल रोग विभाग में 100 बेड का आइसोलेशन वार्ड 10 दिन में तैयार करने को कहा। यहां से बाल रोग विभाग को लेडी लॉयल में शिफ्ट कराया जाएगा। इसके लिए शनिवार को प्राचार्य कमिश्नर से भी मुलाकात करेंगे।