कासगंज। कालीनदी को प्रदूषण से मुक्ति दिलाने के लिए की जा रही पहल को पहले ही चरण में झटका लगता दिखाई दिया है। शहर में कालीनदी के समीप बनाए जा रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण की रफ्तार धीमी दिखाई दे रही है। जुलाई के पहले पखवाड़े में एसटीपी के शुभारंभ का लक्ष्य फिलहाल आगे बढ़ता दिख रहा है। अब विभाग का दावा है कि जुलाई के अंतिम सप्ताह तक इस प्लांट से सीवरेज ट्रीटमेंट शुरू हो जाएगा।
नाले नालियों और औद्योगिक क्षेत्रों का कचरा ढोने वाली काली नदी लंबे समय से प्रदूषण से घिरी हुई है। इस नदी को प्रदूषण से मुक्ति दिलाने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कालीनदी के समीप कराया जा रहा है। इस ट्रीटमेंट प्लांट में दो गंदे नालों का पानी जो सीधे कालीनदी में गिरता था। वह अब शुद्ध होने के बाद नदी में गिरेगा लेकिन अभी इस एसटीपी के निर्माण की रफ्तार धीमी दिखाई दे रही है। पहले तो विभाग दावा कर रहा था कि जुलाई के पहले पखवाड़े में एसटीपी निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। इससे सीवरेज का ट्रीटमेंट हो सकेगा लेकिन अभी तक एसटीपी में मशीनों का काम पूरा नहीं हो सका है। अब विभाग का दावा है कि जुलाई माह के अंतिम सप्ताह तक एसटीपी का काम पूरा कर लिया जाएगा और सीवरेज ट्रीटमेंट भी हो सकेगा।
आंकड़े की नजर से-
- 67.56 करोड़ रुपये से एसटीपी निर्माण की मिली है स्वीकृत।
- 15 मिलियन लीटर पानी प्रतिदिन शुद्ध करने की क्षमता का बनाया जा रहा एसटीपी।
- 33.32 करोड़ रुपये से निर्माण के बाद होगा रख रखरखाव।
- 15 साल तक रखरखाव का जिम्मा निभाएगी कार्यदायी संस्था।
वर्जन-
जुलाई माह के अंतिम सप्ताह तक एसटीपी का काम पूरा हो जाएगा। अभी मशीनों का काम अंतिम चरण में चल रहा है। पहले तो तैयारी की कि जुलाई के पहले पखवाड़े में काम पूरा हो जाएगा लेकिन अभी थोड़ा काम रह गया है। - गौरव शर्मा, अवर अभियंता, प्रदूषण नियंत्रण इकाई, जल निगम आगरा।