मुख्यमंत्री को पोट्रेट देती अदिति का फाइल फोटो
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पल गुप्ता गुप्ता ने ताजनगरी का नाम किया रोशन
दस साल की बच्ची ने सन 2016 में लगातार डेढ़ घंटे तक कथक कर गोल्ड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज किया, तो देश में ताजनगरी एक बार फिर सुर्खियों में आईं। कमला नगर की रहने वाली पल गुप्ता को शुरू से ही नृत्य करने का शौक रहा। उनकी मां पूजा गुप्ता भी एक नृत्यांगना हैं। सन 2011 में भी कथक नृत्यांगना पल ने कथक नृत्य में 11 साल की उम्र में लगातार दो हजार चक्कर लगाने का रिकॉर्ड भी बनाया।
उनका यह कारनामा भी गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ। पल कहती हैं कि नृत्य उनका जुनून है। सेंट पेट्रिक्स में कक्षा दसवी की छात्रा पल के पिता केतुल कुमार गुप्ता भी पल के इस जुनून को आगे बढ़ाने में उसका साथ देते हैं। उनका कहना है कि बचपन से ही पल टीवी और मोबाइल पर कथक के अलावा कुछ नहीं देखती थी।
चित्रकारी से लगभग 30अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीते
दयालबाग की रहने वाली 17 साल की अलीशा ने अपनी चित्रकारी से लगभग 30अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीते हैं। जल संसाधन मंत्रालय, दिल्ली में उनकी ओर से तैयार की गई जल संचयन की पेंटिंग सन 2016 से मंत्रालय की शोभा बढ़ा रही है। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र संघ सूचना केंद्र की ओर से सन 2017 में हुई दिल्ली में हुई इंटरनेशनल गर्ल्स चाइल्ड डे पेंटिंग प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त किया। सन 2018 से वैंकटप्पा आर्ट गैलरी, बंगलूरू में राष्ट्रीय पर्यावरण प्रतियोगिता में बनाई गई अलीशा की पेंटिंग दीर्घा में लगी हुई है। अलीशा का कहना है कि चित्रकारी उनका जुनून है। आर्किटेक्ट डॉ. अनिरुद्ध राघव का कहना है हर समय आलीशा के दिमाग में पेंटिंग को लेकर नई-नई थीम चलती रहती हैं।
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