- लाइसेंस न मिलने से आवेदक हो रहे हैं परेशान
- लाइसेंस की जानकारी के लिए लगाना पड़ रहा कार्यालय का चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
कासगंज। स्मार्ट चिप की कमी के चलते जिले में 10 माह के अंदर 6000 ड्राइविंग लाइसेंस प्रिंट में फंस गए हैं। इससे ड्राइविंग लाइसेंस न मिलने से आवेदक परेशान हैं। आवेदकों को वाहन चेकिंग के दौरान पकड़े जाने के साथ वाहन का चालान होने का खतरा बना रहता है।
जिले के उपसंभागीय परिवहन कार्यालय में प्रतिमाह 600 से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए आवेदन होते हैं। साक्ष्य संकलन के बाद इसका डाटा ऑनलाइन फीड कर दिया जाता है। अंत में लखनऊ में स्थित स्मार्ट चिप कंपनी लाइसेंस कार्ड जारी करती है। जो सीधे आवेदक के पते पर डाक के पते से पहुंच जाता है। लेकिन सितंबर माह से आवेदकों को लाइसेंस प्राप्त नहीं हो पा रहा।
एआरटीओ कार्यालय के अभिलेखों के मुताबिक करीब 6 हजार से ज्यादा लाइसेंस कंपनी में फंसे हैं। बताया जा रहा है कि इस समय कंपनी में स्मार्ट चिप कमी चल रही है। इसके चलते लाइसेंस कार्ड बनाने और उन्हें भेजने में देरी हो रही है। लाइसेंस न मिलने से आवेदकों की चिंता बढ़ी है। आवेदकों को वाहन चेकिंग के दौरान लाइसेंस न होने पर चालान कटने का डर सता रहा है। आवेदक राकेश ने बताया कि उसका 8 माह बाद भी लाइसेंस बनकर नहीं आ सका है। जिससे वह काफी चिंतित है। वाहन चलाते समय पकड़े जाने का डर लगा रहता है।
लाइसेंस कार्ड लखनऊ की स्मार्ट चिप कंपनी बनाती है। यहां से सारे आवेदन ऑनलाइन भेज दिए जाते हैं, कंपनी में चिप की कमी हो जाने से लाइसेंस बनकर नहीं आ पा रहे, जिससे यह समस्या आ रही है। राजेश राजपूत, एआरटीओ