दरअसल, सपा विधायक हरिओम यादव की रामगोपाल यादव से काफी समय से ठनी हुई है। हरिओम यादव पार्टी से बगावत किए हुए हैं। रविवार को यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए विधायक ने रामगोपाल यादव पर कई आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि रामगोपाल यादव भाजपा से मिले हैं। जिले के भाजपा नेता और पूर्व मंत्री जयवीर सिंह से उनकी सांठगांठ है। रामगोपाल ने पूर्व मंत्री के साथ मिलकर उनके (हरिओम यादव) और बेटे विजय प्रताप उर्फ छोटू के ही खिलाफ तमाम साजिशें रचीं। छोटू को अध्यक्ष पद से हटाने एवं सदस्यता समाप्त कराने में प्रोफेसर का हाथ रहा।
हरिओम यादव ने कहा कि मैंने सिरसागंज क्षेत्र में जितना विकास अखिलेश यादव के सहयोग से कराया, उतना पूरे उत्तर प्रदेश की किसी विधानसभा क्षेत्र में विकास नहीं हुआ। लेकिन सांसद और उनके पिता क्षेत्र की जनता को गुमराह कर रहे हैं। सांसद ने यदि यहां विकास कराया होता तो टूंडला, जसराना, शिकोहाबाद में दिखाई देता।
विधायक ने कहा कि 22 जनवरी को शिकोहाबाद के रामलीला मैदान में पोल खोलो सम्मेलन बुलाया गया है। इस सम्मेलन में पूरे जिले से लोग आएंगे, लोगों को हम बताएंगें कि पांच साल में सपा के कार्यकर्ताओं के साथ क्या-क्या किया गया।
फिरोजाबाद लोकसभा से प्रत्याशी पर उन्होंने कहा कि प्रसपा के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव यहां से चुनाव लड़ेंगे। यदि नहीं लड़ते हैं तो जनता जो फैसला करेगी वहीं हम करेंगे। वार्ता के दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजय प्रताप यादव छोटू, प्रदीप सिंह सहित अन्य लोग शामिल थे।
खुली बगावत, पार्टी खामोश
सपा में रहते हुए विधायक हरिओम यादव पार्टी के खिलाफ लगातार हमला बोल रहे हैं लेकिन पार्टी नेता खामोश हैं। पिछले माह नसीरपुर क्षेत्र में हुई सभा में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जरूर कहा था कि कुछ लोग पार्टी का झंडा लगाकर पार्टी के खिलाफ चल रहे हैं ऐसे लोगों पर समय आने पर एक्शन लिया जाएगा।
वैसे हरिओम यादव अब खुल कर शिवपाल की पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का मंच भी साझा कर रहे हैं। रविवार को वो प्रसपा की बैठक में भी पहुंचे थे। उनके पुत्र छोटू यादव पहले ही प्रसपा में शामिल हो चुके हैं।