श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर पास में स्थित शाही ईदगाह मस्जिद
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मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन समिति द्वारा ठाकुर केशवदेव कटरा से संबंधित संपत्ति के दावे की सुनवाई शुक्रवार को महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंची। सिविल जज सीनियर डिवीजन की न्यायाधिकारी ज्योति सिंह की अदालत में प्रतिवादी पक्ष ने दावे का उपासना स्थल अधिनियम को आधार बनाकर विरोध किया तो वादी ने इसके पक्ष में कई दलीलें पेश कीं।
शाही मस्जिद ईदगाह के सचिव एडवोकेट तनवीर अहमद ने अदालत में दर्ज दावे का विरोध करते हुए कहा कि चूंकि इस दावे पर उपासना स्थल अधिनियम 1991 लागू होता है, इसलिए दावा सुने जाने योग्य नहीं है। इसके विरोध में वादी अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह के अधिवक्ता राजेंद्र माहेश्वरी ने अदालत को बताया कि यह स्थान पूर्व से ही विवादित है, इस संबंध में अदालत में केस भी दर्ज हुए हैं। इसलिए यहां पर उपासना स्थल अधिनियम लागू नहीं होता।
वादी पक्ष ने अधिवक्ता सुब्रमण्यम स्वामी और अश्वनी कुमार उपाध्याय की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई रिट की प्रति अदालत को दीं। साथ ही अदालत को बनारस की सिविल कोर्ट का वह आदेश भी दिखाया, जिसमें उसने उपासना स्थल अधिनियम को न मानकर ज्ञानव्यापी मस्जिद की खुदाई के आदेश किए हैं।