एसएन मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग में अब तक कंधों के फ्रैैक्चर की ही सर्जरी हो रही थी। अब शोल्डर आर्थोस्कॉपी की सुविधा भी शुरू हो गई है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि हड्डी रोग विभाग में शोल्डर आर्थोस्कॉपी की सुविधा होने से निजी अस्पताल के मुकाबले मरीजों का खर्चा बचेगा।
निजी अस्पतालों में डेढ़ लाख तक का खर्च
शोल्डर आर्थोस्कॉपी के विशेषज्ञ डॉ. रजत कपूर ने बताया कि ओपीडी में कंधे की ऐसी परेशानी के 500 से अधिक मरीज महीनेभर में आते हैं। इनमें खिलाड़ी, युवा, बच्चे और किशोर भी शामिल हैं। इसमें मामूली छिद्र कर दूरबीन से सर्जरी करते हैं। इसमें रक्तस्राव बेहद कम होता है। सर्जरी के दो सप्ताह बाद फिजियोथेरेपी के 6 सप्ताह के बाद मरीज का कंधा सामान्य रूप से कार्य करने लगता है। निजी अस्पतालों में इसका खर्च एक से डेढ़ लाख रुपये आता है। एसएन में ऑपरेशन निशुल्क है। जरूरी सामान की कीमत सरकारी दर पर है।
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