ताजमहल खुलने के बाद जूते की लड़खड़ाती चाल को सहारा मिला है। बीते आठ दिनों में घरेलू उद्योग को अनुमानित 50 लाख रुपये का कारोबार मिला है। हालांकि सामान्य दिनों में ये आंकड़ा 3.5 करोड़ रुपये होता है। गनीमत ये है कि 5000 में से 800 कारखानों में काम की शुरुआत हो गई है।
स्मारक खुलने के बाद आगरा के विभिन्न उद्योगों में जूता उद्योग ही ऐसा है जिसने कारोबार में दहाई का आंकड़ा छू लिया है। जबकि हैंडीक्राफ्ट, जरदोजी, होटल एंड रेस्टोरेंट द्वारा 10 लाख रुपये से कम का कारोबार हुआ है।
ताज देखने आ रहे सैलानी जूतों की भी खरीदारी करने लगे हैं। जूते के 23 बाजारों में थोड़ी बहुत रौनक छा गई है। हालांकि उद्यमियों का तर्क है कि विदेशी पर्यटक आने के बाद ही उद्योग को वास्तव में पंख लगेंगे।