आगरा के शास्त्रीपुरम कांशीराम योजना के आवास में रविवार सुबह जूता कारीगर का शव फंदे से लटका मिला। वह मां और बहनों के साथ रहता था। हाथ-पैर दुपट्टे में फंसे मिलने पर पिता ने हत्या की आशंका जताई है। सिकंदरा थाने की पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
जगदीशपुरा क्षेत्र के सुरेश चंद्र ने बताया कि उनका बेटा रोहित (24) तीन भाइयों में छोटा था। बड़े भाई दिनेश अलग रहते हैं। वह मंझले बेटे जॉनी के साथ पुराने मकान में रहते हैं। पत्नी और दो बेटियों के साथ रोहित शास्त्रीपुरम में रहकर जूते बनाने का काम करता था। शनिवार रात उसके मोबाइल में रात 2:30 बजे तक ऑनलाइन रहने की जानकारी हुई है।
रविवार सुबह देर होने के बाद भी वह कमरे से बाहर नहीं आया तो बहनों ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। अंदर रोहित का शव फंदे से लटका देख बहनें चीखने लगीं। पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उसी से मौत का कारण पता चल पाएगा।
काफी समय से था गुमसुम
रोहित के भाई दिनेश ने बताया कि कई दिनों से रोहित किसी बात से परेशान था। परिवार से ज्यादा बात नहीं करता था। पूछने पर परेशान होने की बात कहता था लेकिन वजह नहीं बताता था। उन्हें नहीं पता था कि वह ऐसा कदम उठा लेगा।
बहन के लिए जुटा रहा था रुपये
पिता सुरेश कुमार ने बताया कि छोटी बेटी की शादी के लिए रिश्ते देखे जा रहे थे। रोहित ही मां और बहनों का पूरा खर्च उठाता था। उसे बहन की शादी की चिंता थी। धूमधाम से शादी करने के लिए वह रुपये जुटा रहा था। बेटे के जाने से परिवार के खाने तक की परेशानी हो जाएगी।