अपर नगर मजिस्ट्रेट राजेश जायसवाल का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लखनऊ से आगरा लाैटते समय शुक्रवार को एक्सप्रेस-वे पर हुए सड़क हादसे में अपर नगर मजिस्ट्रेट तृतीय राजेश जायसवाल की माैत सीट बेल्ट नहीं लगाने के कारण हुई थी। एक्सप्रेस-वे पर ओवरटेक कर आगे निकली बस में पीछे से घुसने पर कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई।
इस दाैरान ड्राइवर का एयर बैग खुलने से उसकी जान बच गई लेकिन पीछे सीट पर लेटे मजिस्ट्रेट उछलकर आगे डैशबोर्ड पर आ गिरे। डैशबोर्ड टूटने के कारण एसी की ग्रिल निकलकर अपर नगर मजिस्ट्रेट के पेट में घुस गई और उनका लिवर फट गया। सैफई मेडिकल काॅलेज में इलाज के दाैरान उनकी माैत हो गई थी। प्रशासनिक जांच में सामने आई बात की पुष्टि डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने की है।
मूलरूप से देवरिया के रहने वाले अपर नगर मजिस्ट्रेट 2018 में पीसीएस बने थे। उनका परिवार लखनऊ में रहता है। परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां व एक बेटा है। हादसे से एक दिन पहले बृहस्पतिवार को वह लखनऊ रवाना हुए थे। लखनऊ में राज्य निर्वाचन आयोग की बैठक में शामिल होने के बाद शुक्रवार सुबह वह एक्सप्रेस-वे होकर क्रेटा कार से आगरा लौट रहे थे।
सुबह 8.15 बजे इटावा के पास एक्सप्रेस-वे पर उनकी कार ओवरटेक कर आगे निकली बस में पीछे से घुस गई थी। इससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। ड्राइवर की जान बच गई। कार में ड्राइवर और अपर नगर मजिस्ट्रेट सिर्फ दो लोग सवार थे। डीएम अरविंद एम बंगारी ने बताया कि हादसे की विस्तृत जांच पुलिस कर रही है।
सात महीने में सड़क दुर्घटना में 449 लोगों की मौत
जनवरी से जुलाई 2025 तक सात महीने में सड़क दुर्घटना में जनपद में 449 लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले साल 7 महीने में 323 लोगों ने जान गंवाई थी। इस साल 39% अधिक लोगों की जान गई। एक्सप्रेस-वे पर 21 और नेशनल हाइवे पर 108 लोग जान गंवा चुके हैं। सिर्फ जुलाई माह में 78 सड़क हादसे हो चुके हैं।
सील बेल्ट नहीं लगाने पर हुए 18699 चालान
सीट बेल्ट नहीं लगाने पर 2020 से 2025 तक 18699 कार सवार व ड्राइवर के चालान हुए थे। सिर्फ जनवरी से जुलाई 2025 तक यह 7487 लोग सीट बेल्ट के नियम का उल्लंघन करते हुए पकड़े गए हैं। इनके अलावा वर्ष 2025 में कुल 62,296 चालान हुए हैं। जिनमें ड्रिंक एंड ड्राइव पर 346, उल्टी दिशा में वाहन चलाने पर 3292, ओवरस्पीड पर 18574 चालान हो चुके हैं। 15.25 करोड़ रुपये जुर्माना लगा है। जिसमें 6.90 करोड़ रुपये वसूले जा चुके हैं।
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