अश्विन शुक्ल पक्ष में विजयदशमी पर्व मंगलवार को देश भर में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। मां भगवती की महिषासुर पर विजय और प्रभु राम की रावण पर विजय का प्रतीक विजयदशमी पर्व पर शाम को बुराई के प्रतीक रावण का पुतला दहन किया जाएगा तो दिन भर विशेष पूजन के कार्यक्रम होंगे। गृह प्रवेश और नए कार्य के प्रारंभ करने के लिए मंगलवार का दिन अति उत्तम है।
ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय के मुताबिक विजयदशमी पर्व पर मंगलवार को श्रवण नक्षत्र है। शिवराज और रवि योग बन रहा है। जो लाभकारी योग है। मंगलवार होने के कारण इस योग में पराक्रम, शौर्य के साथ विजय का योग बनता है। विजयदशमी पर क्षत्रियों में शस्त्र पूजन किया जाता है तो ब्राह्मण सरस्वती पूजन करते हैं। वैश्य समाज में बहीखातों का पूजन होता है।
लोग मशीनरी का भी पूजन करते हैं। उन्होंने बताया कि दशहरा पूजन का सर्वोत्तम मुहूर्त सुबह 9.12 बजे से दोपहर 1.34 बजे तक है। इस अवधि में दशहरा पूजन के साथ-साथ गृह प्रवेश, नवीन प्रतिष्ठान का शुभारंभ करने के लिए उत्तम मुहूर्त है।
रात में होगा बुराई के प्रतीक रावण का दहन
आगरा। बिजलीघर स्थित रामलीला मैदान में 100 फुट ऊंचा रावण का पुतला जलाया जाएगा। दशहरा मेला स्वागत समिति की ओर से सेंट जोंस के बोर्ड वैश्य हाउस परिसर में रावण दहन का कार्यक्रम होगा। इसके साथ आगरा कैंट संस्थान परिसर में चल रही रामलीला में रावण का पुतला दहन होगा। शहर के बल्केश्वर पार्क, ताजगंज सहित शहर के कई स्थानों पर रावण दहन के कार्यक्रम होंगे। गली, मोहल्लों और कालोनियों के पार्कों में भी बच्चों ने रावण का पुतला जलाने की तैयारी की हैं।