भले ही शिवपाल सिंह यादव ने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) बना ली हो, लेकिन वो समाजवादी पार्टी को छोड़ना नहीं चाहते थे। सपा से अभी तक इस्तीफा नहीं देने के सवाल पर उन्होंने यह बात कही। उन्होंने कहा कि समय आने पर फैसला लेंगे।
शिवपाल ने कहा कि नेताजी के साथ मिलकर समाजवादी पार्टी बड़े संघर्ष के साथ बनाई थी। कई बार सरकार बनीं। सपा छोड़ना नहीं चाहता था, मुझे अपमानित किया गया। इसीलिए नया मोर्चा बनाने के साथ अब प्रगतिशील समजावादी पार्टी बनाई है।
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव शुक्रवार को फिरोजाबाद महानगर अध्यक्ष छुट्टन भाई के यहां शादी समारोह में भाग लेने आए थे। इस दौरान उन्होंने फिरोजाबाद संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने के संकेत भी दिए हैं।
'अखिलेश बनाए तीसरा मोर्चा'
मुलायम सिंह यादव के पार्टी के मंच पर दिखाई नहीं देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मोर्चा का गठन तो उनसे तीन बार पूछकर किया था। समय आने पर नेताजी साथ होंगे। अखिलेश यादव द्वारा उनकी पार्टी को भाजपा की बी टीम बताने के सवाल पर शिवपाल बोले कि वो तीसरा मोर्चा क्यों नहीं बना लेते, मोर्चा बनाएं, लेकिन हमें प्रदेश में 50 प्रतिशत सीट दे दें, हम तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की 79 लोकसभा सीटों पर प्रसपा चुनाव लड़ेगी। पार्टी ने नेताजी (मुलायम सिंह यादव) को प्रसपा से चुनाव लड़ने का ऑफर दिया है। नहीं लड़े, तो भी एक सीट प्रसपा उनके लिए छोड़ेगी। क्या फिरोजाबाद से लोकसभा चुनाव में चाचा-भतीजे आमने-सामने होंगे के सवाल पर कहा कि चुनाव तो चुनाव है, फिर सामने कोई भी हो।
चुनाव में ही याद आता है राममंदिर
राममंदिर के सवाल पर शिवपाल यादव ने कहा कि राममंदिर का मुद्दा भाजपा चुनाव में ही उठाती है। भाजपा इस मुद्दे को जीवित रखना चाहती है। राममंदिर पर कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए।