ताजमहल की मस्जिद में अदा की गई जुमे की नमाज
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ताजमहल में जुमा की नमाज पढ़ने के लिए इस बार लगभग 800 लोग पहुंच गए। इसकी वजह नमाज को लेकर चल रहा विवाद मानी जा रही है। पिछले जुमा को 650 लोग पहुंचे थे, जबकि इससे पहले संख्या 150-200 ही रहती थी। खुफिया पुलिस की रिपोर्ट यह है कि आने वाले जुमा में यह संख्या और बढ़ सकती है।
शुक्रवार को ताज सैलानियों के लिए बंद रहता है लेकिन स्थानीय नमाजियों के लिए खोला जाता है। पश्चिमी गेट पर लोगों की लंबी कतार रही। एक बार तो यह फतेहपुर मस्जिद के गेट तक पहुंच गई। यह सिर्फ दूसरी बार हुआ जब नमाजियों की कतार लगी। या तो पिछले जुमा को हुआ था या फिर इस बार हुआ। इससे पहले कभी इतनी भीड़ नहीं देखी गई।
दिल्ली से आए पर्यटक ने दोपहर में ताज में नमाज के नाम पर प्रवेश का प्रयास किया, लेकिन कमेटी के सदस्य मुनव्वर अली ने उन्हें रोक दिया। उन्होंने आईकार्ड की जांच की तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया। इस पर वह भड़क गया और कमेटी पर ही आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। नमाज पढ़ने के लिए तब उसे सामने मौजूद फतेहपुरी मस्जिद भेजा गया, पर्यटक ने वहां भी हंगामा शुरू कर दिया।
नमाज के बजाय दीदार करते नजर आए कुछ लोग
नमाज के दौरान कई लोग ताजमहल का दीदार करते नजर आए। इसका वीडियो वायरल हो गया। ये लोग यही कहकर अंदर गए थे कि उन्हें नमाज पढ़नी है लेकिन ऐसा किया नहीं। अन्य लोग नमाज पढ़ रहे थे जबकि ये लोग ताज का दीदार कर रहे थे। यह दृश्य किसी ने कैमरे में कैद किया। कई लोग ताज पर सेल्फी ले रहे थे जबकि कई अपने फोटो खिंचवा रहे थे।
इंतजामिया कमेटी के सैयद मुनव्वर अली के मुताबिक कमेटी ने किसी को भी नहीं बुलाया। लोग स्वेच्छा से आए हैं। बारावफात से पहले यह आखिरी शुक्रवार है, इसलिए ताजमहल में नमाज के लिए लोगों की संख्या ज्यादा रही।
... तो इस तरह विरोध जाहिर कर रहे हैं मुस्लिम
तीन नवंबर को एएसआई ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर वजू टैंक पर ताला लगा दिया था। साथ ही कह दिया कि ताज में जुमे को छोड़कर किसी और दिन नमाज नहीं होगी। इस पर 13 नवंबर ( दिन मंगलवार ) को पांच मुस्लिम टिकट खरीदकर ताज की मस्जिद में गए और एएसआई के आदेश को चुनौती देते हुए नमाज अदा की।
इसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। इसके बाद 14 नवंबर को एएसआई ने ताज में नमाज के आदेश का गजट प्रवेश द्वार पर चस्पा कर दिया था। माना जा रहा है कि एएसआई की सख्ती का संदेश यह गया है कि ताज में नमाज को रोके जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इसी कारण मुस्लिम भीड़ जुटाकर एक तरह से अपना विरोध जाहिर कर रहे हैं। एक तरह से चेतावनी भी दी जा रही है कि अगर ताज में नमाज रोकने की कोशिश की गई तो इसका परिणाम अच्छा नहीं होगा।