आगरा में आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षामित्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार को उनका शव कमरे में फंदे से लटका मिला। परिवार वालों का कहना है कि उन्हें तीन माह से मानदेय नहीं मिला था। इससे वो तनाव में थे।
अछनेरा क्षेत्र के गांव फतेहापुरा निवासी राजेंद्र सिंह 2014 में शिक्षामित्र से प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक बने थे, तब उनके परिवार में खुशियां आईं थी। जुलाई 2017 में वो फिर से शिक्षामित्र बना दिए गए।
जब शिक्षक थे तो उस समय उनका वेतनमान 39 हजार प्रति माह से ज्यादा था, शिक्षा मित्र बने तो मानदेय सिर्फ 10 हजार रुपये प्रति माह रह गया। इसके बाद भी जैसे-तैसे जिंदगी की गाड़ी खींच रहे थे। इस पर भी मानदेय नहीं मिला तो हिम्मत जवाब दे गई।