यहां का है मामला
मल्हन टूला के कालीचरन निषाद सोमवार की दोपहर पिनाहट घाट के पास नदी किनारे के खेत में बकरियां चरा रहे थे। उन्होंने बताया कि मगरमच्छ ने हमलाकर एक बकरी को पकड़ लिया। मगरमच्छ बकरी को नदी में खींचने लगा तो पास में चर रही बकरियों में भागने लगीं। तब उसका ध्यान बकरी की ओर गया। उन्होंने बताया कि जबड़े से बकरी को छुड़ाने की कोशिश की तो मगरमच्छ उस पर भी हमलावर हो गया। जिससे वह बाल-बाल बच गया। पीड़ित ने मुआवजे की गुहार लगाते हुए कहा है कि बकरी पालन के अलावा उसके पास जीविका का कोई दूसरा साधन नहीं है। इस संबंध में पूछे जाने पर बाह के रेंजर उदय प्रताप सिंह ने बताया कि नदी में बकरी उसी स्थान पर पानी पीने को पहुंच गई थी, जहां पर मगरमच्छ ने नेस्टिंग की थी। हैचिंग पीरियड में नेस्ट नस्ट होने के खतरे में मगरमच्छ ने बकरी पर हमला किया है।
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चेतावनी के बाद भी नदी किनारे पशु चरा रहे लोग
मगरमच्छ के घोंसले के पास से ही चल रही मोटरबोट
मुरैना के अंबाह और पिनाहट के बीच चंबल नदी के उसैथ घाट पर मोटरबोट का संचालन होता है। मगरमच्छ के घोंसले से महज 50 गज की दूरी से पिनाहट घाट पर मोटरबोट में यात्रियों को बैठाया जाता है। पिछले दिनों मोटरबोट में सवार यात्री घाट के पास बैठे मगरमच्छ को देखकर घबरा गए थे। रेंजर ने बताया कि हैचिंग पीरियड पूरा होने तक मोटरबोट के संचालन में भी सतर्कता बरते जाने की जरूरत है।