शनिदेव ने शुक्रवार से अपनी चाल बदल दी है। 30 वर्ष बाद शनिदेव ने मकर राशि में प्रवेश किया है। इससे राशियों पर गृहों का प्रभाव बदल जाएगा। धनु, मकर और कुंभ राशि में शनि की साढ़ेसाती शुरू होगी, जबकि मिथुन और तुला में ढैया शुरू होगी। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि इस परिवर्तन से मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, वृश्चिक, मीन राशि के जातकों को शुभ फल मिलेंगे।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इसका अन्य राशियों पर भी प्रभाव पड़ेगा। मिथुन, कर्क, तुला, धनु, मकर, कुंभ राशि को मिला जुला फल मिलेगा। मकर राशि शनि की अपनी राशि है। सौरमंडल में नीले रंग की आभा लिए शनिदेव को न्यायाधीशों का प्रमुख माना गया है। शनि एक समय में आठ राशियों पर अपना पूर्ण प्रभाव रखते हैं।
ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय का कहना है कि शनिदेव प्रत्येक जातक को जीवन में एक बार साढ़े साती और तीन बार ढैया के रूप में प्रभावित करते हैं। यदि जातक के कर्म अच्छे हों और जन्मपत्री में भी शनि अच्छे भाव में हैं, तो शुभ फल अवश्य प्राप्त होते हैं।
मौनी अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धि योग
ज्योतिषाचार्य के अनुसार शुक्रवार को मौनी अमावस्या पर उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, वज्र योग, रवि योग है। सर्वार्थ सिद्ध योग भी। इस दिन लोग मौन रहकर ईश्वर की साधना करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन द्वापर युग का आरंभ हुआ था। इस दिन देवगण रूप बदलकर धरती पर आते हैं और संगम में स्नान करते हैं। इस दिन मनु ऋषि का जन्म हुआ था।