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फाउंडर्स मेडल पाकर खिला शब्दरूप

Thu, 12 Jan 2017 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो आगरा।
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दयालबाग शिक्षण संस्थान (डीईआई) का 35वां दीक्षांत समारोह - फोटो : अमर उजाला
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दयालबाग शिक्षण संस्थान (डीईआई) का 35वां दीक्षांत समारोह गुरुवार को दीक्षांत सभागार में संपन्न हुआ। इसमें वर्ष 2016 में सर्वोत्तम विद्यार्थी चुने गए शब्दरूप सत्संगी को फाउंडर्स मेडल प्रदान किया गया। वेदिका सक्सेना को स्नातक स्तर और रोमा पाठक को परास्नातक स्तर पर सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर प्रेसीडेंट मेडल प्रदान किया गया। 78 विद्यार्थियों को डायरेक्टर्स मेडल मिले। डिग्रियां भी दी गईं।
समारोह के मुख्य अतिथि कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के सचिव रोहित नंदन रहे। संस्थान के निदेशक प्रो. प्रेम कुमार कालरा ने मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडल के साथ 71 को पीएचडी की डिग्री प्रदान की। कार्यक्रम में एमफिल और अन्य कोर्स के भी सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। निदेशक ने संस्थान की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की। अध्यक्ष प्रेमकुमार ने मुख्य अतिथि को धन्यवाद ज्ञापित किया। कुलसचिव प्रो. आनंद मोहन ने मेडल पाने वाले विद्यार्थियों के नामों की घोषणा की। डीईआई का वर्ष 2016 का ‘डिस्टिंगुइस्ट एल्युमभनाई अवार्ड’ आईआईटी दिल्ली के प्रो. प्रेम कुमार कालरा को दिया गया। इससे पूर्व कला संकाय में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। बी-वॉक की ओर से प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें विद्यार्थियों की ओर से तैयार मॉडल प्रदर्शित किए गए।
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पढ़ाई के साथ खूब मौजमस्ती करो : शब्दरूप
आगरा। फाउंडर्स मेडल पाने वाले शब्दरूप सत्संगी का कहना है कि पहले से प्लान करके मत चलो कि हमें इतने नंबर लाने हैं। पढ़ाई के साथ खूब मौजमस्ती करनी चाहिए। बस लक्ष्य पाने के लिए पूरी मेहनत करो। शब्दरूप को फुटबाल खेलने के साथ फिल्में देखना पसंद है। वह कॉमर्स में प्रेसीडेंट मेडल पा चुके हैं। इनकी मां नंदिता सत्संगी और पिता स्वामी प्यारा सत्संगी संस्थान में ही शिक्षक हैं। शब्दरूप को भविष्य में क्या करना है, अभी तय नहीं किया है। उनका कहना है कि कैंपस में कंपनियों के आने के बाद तय होगा।

सफर पर फोकस रखें, मंजिल मिल जाएगी: वेदिका
आगरा। प्रेसीडेंट मेडल पाने वाली वेदिका सक्सेना का अपने जूनियर्स के लिए संदेश है कि वह अपने सफर पर फोकस रखें, मंजिल अपने आप मिल जाएगी। वेदिका के माता-पिता शिक्षक हैं, पहली इच्छा उनकी इसी क्षेत्र में जाने की है। दूसरी इच्छा आईएएस बनने की है।

विद्यार्थियों के साथ समान व्यवहार जरूरी: रोमा
आगरा। प्रेसीडेंट मेडल प्राप्त करने वाली रोमा पाठक प्रोफेसर बनना चाहती हैं। उनके पिता मुन्ना पाठक कारोबारी हैं। रोमा का कहना है कि शिक्षक को विद्यार्थियों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए। चाहे वह पढ़ाई में कमजोर हो या फिर तेज। मूल्यांकन में भी पक्षपात नहीं करना चाहिए। उनका जूनियर्स के लिए संदेश है कि मन लगाकर पढ़ाई करें और घबराएं नहीं।  

66 वर्ष की आयु में मास्टर डिग्री ली
रंजीत कौर सत्संगी ने 66 वर्ष की आयु में मास्टर की डिग्री प्राप्त की। डायरेक्ट ने उन्हें डिग्री प्रदान की। उन्होंने एमए थ्योलॉजी से पढ़ाई की। उनके पति का देहांत हो चुका है, खुद को व्यस्त रखने के लिए उन्होंने पढ़ाई की। 
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विभिन्न कोर्स के लिए इन्हें मिला डायरेक्टर्स मेडल
 मेहर मिश्रा, निकिता सिंह, जॉली राघव (2 मेडल), पूनम चौधरी, प्रेम कुमार, उत्कर्ष खेर, कोनिका बथेजा, आकाशा लतीफ, महिमा सिन्हा (2 मेडल), आयुषी शर्मा (2 मेडल), नैन्सी शर्मा, सरिता कुमारी, नेहा द्विवेदी, स्वांति गुप्ता, सिमरन साक्षी, मोनिका तिवारी, मुस्कान मल्होत्रा, नवनीत वर्मा, बीनीश, दिव्यांशु गुप्ता, अदिति अग्रवाल, मनीषा आहूजा, सिमरन कक्कड़, भानुप्रिया, गुरवानी बिंद्रा, पूनम बघेल, गुरप्रीत कौर, कल्याणी गुप्ता, सौम्या चतुर्वेदी, प्रीति यादव, वेदिका सक्सेना, नेहा सक्सेना, रश्मि धनवानी, प्रतिभा कुशवाह, जीशान, अंशिका बंसल, सिमरन बघेल, क्रति जादौन, महिमा जिंदल, चंद्रिका, वंदना झां, वर्षा बंसल, आकृति अग्रवाल, भावना राठौर, काव्या जैन, सोनम, रंजीत कौर सत्संगी, अमिता सिंह, आकांक्षा सिंह फौजदार, नेहा अग्रवाल, अश्वनी बदलानी, पेनुमत्सा आरथी, ज्योति यादव, प्रियंका शर्मा, निरात, मेहर गोयल, शालिनी यादव, आकांक्षा शर्मा, लोकेश यश, सुरभि अरोड़ा, निधि दुबे, प्रिया गुप्ता, दिव्या सिन्हा, भावना यादव, कंचन बंसल, सोनाली, ज्योति गर्ग, अदिति बप्टे, सना अंसारी, रोमा पाठक, रितु यादव, सोनाली श्रीवास्तव, उमंगिका।

 
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