एटा के थाना अवागढ़ क्षेत्र के एक गांव की दुष्कर्म पीड़िता की सुरक्षा में दो सिपाहियों को इंसास राइफल के साथ तैनात किया गया था। सिपाहियों की इंसास राइफल के साथ महिला का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमा में हड़कंप मच गया। दोनों सिपाहियों को लाइन हाजिर किया गया है।
बुधवार की सुबह पुलिस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने ट्वीट किया। उनकी पोस्ट के साथ दुष्कर्म पीड़िता का फोटो और हाथ में इंसास राइफल दिखाई गई। हालांकि कुछ देर बाद उन्होंने ट्वीट हटा लिया। इसका संज्ञान पुलिस उच्चाधिकारियों ने लेते हुए दुष्कर्म पीड़िता की सुरक्षा में लगे सिपाही सुनील त्यागी और वीरेंद्र सिंह यादव को लाइन हाजिर कर दिया गया।
बता दें कि थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला से दो उप निरीक्षकों ने दुष्कर्म किया था इसके बाद दोनों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई और मामला सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुंचा। सूत्रों के अनुसार एक दरोगा का भाई सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता हैं और उनके द्वारा भी री-ट्वीट किया गया है।
एसएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया है कि सुरक्षा में लगे सिपाहियों की ओर से लापरवाही की गई, महिला के हाथ में इंसास राइफल कैसे पहुंची और फोटो सोशल मीडिया पर डालने तक की जांच एएसपी ओपी सिंह को सौंपी गई है। दोनों सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है, जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।