आगरा के पुनिया पाड़ा, घास की मंडी, अहीर पाड़ा में जिन नलों से गंगाजल निकलना चाहिए, वहां से सीवर निकल रहा है। इसकी दुर्गंध से उल्टियां हो गईं। एक हजार से अधिक परिवार पानी खरीद कर पी रहे हैं। शिकायत के बाद भी जलकल विभाग से कर्मचारी नहीं पहुंचे। इसके विरोध में सोमवार को क्षेत्रीय लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया।
गोकुल पुरा में परेशान लोग
गोकुल पुरा में पानी की परेशानी खत्म नहीं हो रही। पहले 10 हजार से अधिक घरों में पानी नहीं पहुंच रहा था। होली पर जलकल विभाग ने बूस्टर पंप लगाए। इससे पानी पहुंचा, लेकिन वह पीने लायक नहीं। सीवर की दुर्गंध आ रही है। पुनिया पाड़ा निवासी संतोष कठेरिया, बीरपाल शर्मा, रश्मि तिवारी ने बताया कि सीवर व पानी की लाइन भूमिगत हैं। पानी की लाइन लीक होने से सीवर मिल गया। तीन दिन से शिकायत करते-करते थक गए, लेकिन जलकल अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रहा। विजय वर्मा और राजू ने बताया कि लोग दूषित सप्लाई से बीमार पड़ सकते हैं। रोज 100 रुपये का पानी खरीदना पड़ रहा है। जो गरीब हैं वो क्या करें। मजबूरी में दूषित पानी पीकर बीमार पड़ रहे हैं।
ये भी पढ़ें - UP News: आगरा जिला अस्पताल पहुंचे डिप्टी सीएम, गंदे शौचालय-खराब लिफ्ट; खुद व्यवस्थाएं देख रह गए हैरान
बीमार पड़ रहे लोग
पुनिया पाड़ा शनिदेव मंदिर के पीछे रहने वाले पप्पू यादव और ध्रुव शर्मा ने बताया कि सीवर के पानी से नहाने के कारण कई लोग बीमार पड़ चुके हैं। बच्चों को पानी से उल्टियां हो गईं। अब स्कूल नहीं जा पा रहे। जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। यह स्थिति तब है जब गंगाजल प्रोजेक्ट पर चार हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो चुका है। फिर भी लोग साफ पानी को तरस रहे हैं।