पड़ोसी ने किशोरी को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म किया। जानकारी घरवालों को तब हो सकी जब वो चार माह की गर्भवती हो गई। मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। कोर्ट ने आऱोपी को सात साल की सजा सुनाई है।
कासगंज के अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या छह रेप एंड पॉक्सो एक्ट के न्यायालय ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को सात साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 50000 रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने 20 हजार रुपये की धनराशि पीड़िता को जीवन यापन के लिए दिए जाने के आदेश भी दिए हैं।
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ढोलना क्षेत्र की एक किशोरी 9 मार्च 2014 को घर पर अकेली थी। उसके माता पिता खेत पर गए हुए थे। उसके गांव का ही युवक नीरज उसे अगवा कर ले गया। माता-पिता के वापस घर पर पहुंचे तो अपनी पुत्री को घर पर न पाकर उसकी खोजबीन करनी शुरू की। लोगों ने नीरज के साथ जाने की जानकारी दी। उसके बाद परिजन उसके घर पहुंचे जहां वह नहीं मिला। पीड़िता की मां ने आरोपी के खिलाफ थाना ढोलना में प्रार्थना पत्र दिया। जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।
पुलिस ने किशोरी को बरामद कर लिया। पुलिस ने मामले की विवेचना कर किशोरी को नीरज के साथ बरामद करने के बाद मेडिकल कराया तो वह चार माह की गर्भवती निकली। पुलिस ने आरोपी नीरज को जेल भेज दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक हरिओम वर्मा ने मामले की पैरवी की। कोर्ट में उसका दोष सिद्ध हो गया। कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट के तहत सात साल का कारावास 50 हजार रुपये का जुर्माना के साथ दंडित किया। अर्थदंड की धनराशि में से 20 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए।