एटा में जैथरा ब्लॉक के गांव कसोलिया में बुखार पीड़ित एक बच्चे की मौत गुरुवार को हो गई। जबकि मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी लैब में तीन व्यक्तियों में डेंगू एनएस-1 के लक्षण पाए गए हैं। गांव कसोलिया निवासी सात वर्षीय शहरोज पुत्र शहनूर को पांच दिन पहले बुखार आया। परिजन जैथरा के एक चिकित्सक के क्लीनिक पर ले गए। जहां उसका उपचार चल रहा था। गुरुवार की दोपहर अचानक उसकी हालत बिगड़ी और मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। वे उसे लेकर घर चले गए। वहीं मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी लैब में गुरुवार को तीन व्यक्तियों में एनएस-1 की पुष्टि हुई।
सोनसा में दो मिले मलेरिया पीड़ित
शीतलुपर ब्लॉक क्षेत्र के गांव सोनसा में प्रधान की सूचना पर टीम जांच करने गई। टीम को दो लोग मलेरिया से ग्रसित मिले। दोनों को स्वास्थ्य टीम ने दवा वितरित की।
तीन मोहल्लों में स्वास्थ्य टीम ने की पड़ताल
बृहस्पतिवार को शहर के मोहल्ला लालपुर, एमपीनगर और किदवई नगर में स्वास्थ्य टीम पहुंची। जहां टीमों ने घर-घर जाकर बुखार से पीड़ित मरीजों की पड़ताल की।
बच्चे की मौत की जानकारी मिल गई है। शुक्रवार को स्वास्थ्य टीम भेज गांव में अन्य लोगों की जांच कराई जाएगी।
-डॉ. उमेश त्रिपाठी, सीएमओ
मेडिकल कॉलेज में बढ़ी मरीजों की संख्या
बुखार का प्रकोप शुरू होते ही मेडिकल कॉलेज की मैटरनिटी विंग में द्वितीय तल पर 10 बेड का पीडियाट्रिक वार्ड बनाया गया। बड़ी संख्या में आने वाले मरीजों में से गंभीर बच्चों को वार्ड में भर्ती किया जा रहा है। शनिवार रात अवागढ़ निवासी बुखार पीड़ित बच्चा भर्ती होते ही वार्ड फुल गया। जबकि सोमवार सुबह और बीमार बच्चे पहुंचने लगे। इस पर चिकित्सकों ने पहले से भर्ती तीन बच्चों को छुट्टी देकर जगह कराई।
प्रतिदिन पहुंच रहे 40 से 50 बुखार पीड़ित बच्चे
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अंशुल गुप्ता ने बताया कि इन दिनों वायरल बुखार का प्रकोप अधिक चल रहा है। ओपीडी में प्रतिदिन 40 से 50 बुखार पीड़ित पहुंच रहे हैं। जिन बच्चों की हालत ज्यादा गंभीर होती है, उन्हें भर्ती कर लिया जाता है।
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