सड़कों पर नियमों के उल्लंघन में चालान थोक के हिसाब से बढ़ रहें हैं, लेकिन नतीजा शून्य है। पुलिस चालान कर यातायात नियमों का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रही है, फिर भी लापरवाही नहीं रुक रही है।
एटा में यातायात नियमों का पालन कराने के लिए लाखों रुपये खर्च कर लोगों को जागरूक किया जाता है। साथ ही उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाती है। जनवरी से अप्रैल माह तक 7195 वाहन चालकों के चालान काटे गए। उनसे 78 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया। इसके बावजूद चालक नियमों का पालन करना नहीं सीखे। हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने में गंभीरता नहीं बरती जा रही है।
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सड़क दुर्घटना कम हों, इसको लेकर साल में तीन बार सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता है। वहीं दो बार यातायात माह मनाया जाता है। इस दौरान लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाता है। स्कूलों-कालेजों में प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया जाता है। इससे छात्र-छात्राएं अपने अभिभावकों को यातायात नियमों का पालन करने के बारे में जागरूक कर सकें। इसके बाद भी लोग यातायात नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। जिले में जनवरी से अप्रैल माह तक 7145 वाहनों के चालान काटे गए। उन पर 78.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
2600 बिना हेलमेट वालों के चालान
बाइक सवार हेलमेट नहीं लगा रहे हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिले में चार माह में 2600 चालान बिना हेलमेट के काटे गए हैं। वहीं 1700 के करीब चालान एक बाइक पर तीन सवारी पर काटे गए हैं।
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आंकड़ों पर एक नजर
माह
चालान
जुर्माना
जनवरी
2495
25 लाख
फरवरी
1250
14 लाख
मार्च
1350
14 लाख
अप्रैल
2100
25.50 लाख
समय-समय पर किया जाता है जागरूक
टीएसआई बचान सिंह शाक्य ने बाताया कि यातायात नियमों के प्रति लोगों को समय-समय पर जागरूक किया जाता है। इसके बावजूद नियमों का पालन करने में लोग लापरवाही बरत रहे हैं। इसी का परिणाम है कि उनके वाहनों का चालान काट जुर्माना लगाया गया है।