आरक्षण से मतदेय स्थलों की संवेदनशीलता बदल गई है। प्रधान, ग्राम सदस्य, जिला व क्षेत्र पंचायत सदस्य पदों का आरक्षण जारी होने के बाद जिले में 114 अतिसंवेदनशील और 50 अतिसंवेदनशील प्लस श्रेणी के मतदान केंद्र बढ़ गए हैं। 690 ग्राम पंचायतों में अब 603 केंद्र अति संवेदनशील और 217 केंद्र प्लस श्रेणी में बदल गए हैं।
जिले में 690 ग्राम पंचायतों में कुल 1432 मतदान केंद्र हैं। इनमें 3402 बूथ हैं। दो मार्च को जारी जातिगत आरक्षण के बाद एसडीएम, पुलिस क्षेत्राधिकारी की टीमों ने आरक्षण का प्रभाव, पूर्व में हुए जातीय व सांप्रदायिक संघर्ष के आधार पर नए सिरे से मतदान केेंद्रों की संवेदनशीलता का निर्धारण किया है। गुरुवार को जिला प्रशासन ने संशोधित सूची जारी की।
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इसमें संवेदनशील मतदान केंद्रों में कोई बदलाव नहीं है। आरक्षण से पहले 483 मतदान केंद्र संवेदनशील थे। आरक्षण के बाद भी 483 केंद्र ही संवेदनशील हैं। सामान्य श्रेणी के मतदान केंद्र भी बढ़े हैं। पहले इनकी संख्या 129 थी जो अब 291 हो गई है। 162 मतदान केंद्र सामान्य श्रेणी में बढ़ गए हैं।
इन बिंदुओं पर हुआ निर्धारण
- निर्वाचन में व्यवधान उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों के आधार पर।
- ऐसे मतदान केन्द्र जहां 90 फीसदी से अधिक मतदान हो चुका है।
- जहां पूर्व में मतदान के दौरान हिंसा व शांति व्यवस्था भंग हो चुकी है।
- ऐसे मतदान केंद्र जहां पिछली बार किसी भी कारण से पुनर्मतदान हुआ।
- ऐसे मतदाताओं के आधार पर जिनके नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं हैं।
यहां सबसे ज्यादा संवेदनशील स्थिति
15 ब्लॉक में एत्मादपुर, खंदौली, सैंया और जैतपुर कला ब्लॉक में प्रत्येक में 50 से अधिक अति संवेदनशील केंद्र हैं। बरौली अहीर में 65 अति संवेदनशील केंद्र हैं। ऐसे में चुनाव व मतदान के दौरान यहां सबसे ज्यादा संवेदनशील स्थिति के मद्देनजर पुलिस फोर्स तैनात रहेगा।
- कुल मतदाता- 20.29 लाख
- कुल मतदान केंद्र्र - 1432
- कुल मतदेय स्थल- 3402
- सामान्य मतदान केंद्र- 129
- संवेदनशील मतदान केंद्र- 483
- अति संवेदनशील केंद्र- 603
अति संवेदनशील प्लस केंद्र-217519
शिकायतों की जांच पूरी होगी आज
आरक्षण को लेकर 519 आपत्तियों व शिकायतों की जांच शुक्रवार को पूरी होगी। जिला निर्वाचन अधिकारी प्रभु एन सिंह की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी दो दिन से शिकायतों के साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है। आधारहीन आपत्तियों का निरस्त किया जाएगा। सबसे ज्यादा 467 आपत्तियां प्रधान पद आरक्षण को लेकर दर्ज हुई थीं।