विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से राष्ट्रीय शिक्षा नीति से संचालित बीए, बीएससी, बीकाॅम द्वितीय, चतुर्थ और षष्ठम सेमेस्टर और एमए, एमएससी और एमकाॅम द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं सोमवार से शुरू हो गईं। परीक्षा में कुल 3.36 लाख छात्र शामिल होंगे। देर से केंद्र बनाने और प्रवेश पत्र जारी करने से सुबह सात से नौ बजे की पहली पाली में कई निजी काॅलेजों के छात्र बिना प्रवेशपत्र के केंद्र पर पहुंले, उन्हें केंद्र पर ही प्रवेश पत्र उपलब्ध कराए गए।
सोमवार को पहली पाली में सुबह 7 बजे से 9 बजे तक चतुर्थ सेमेस्टर की वाणिज्य (आयकर कानून और लेखा), चतुर्थ सेमेस्टर माइक्रोबायोलाजी (आणविक जीव विज्ञान और माइक्रोबियल आनुवंशिकी) और संगीत (सितार) (रागों, तालों और भारतीय शास्त्रीय संगीत के अन्य पहलुओं का सैद्धांतिक और विश्लेषणात्मक अध्ययन) की परीक्षा हुई।
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दूसरी पाली में सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक छठवें सेमेस्टर की जैव प्रौद्योगिकी (औद्योगिक और पर्यावरण जैव प्रौद्योगिकी), मत्स्य पालन (जलीय कृषि), बागवानी (सजावटी बागवानी और भूदृश्य बागवानी), ग्राम उद्योग (औद्योगिक प्रबंधन), ड्राइंग और पेंटिंग (भारतीय इतिहास कला-आधुनिक कला समूह और उसके कलाकार) की परीक्षा हुई।
वहीं, 1 से 3 बजे की तीसरी पाली में द्वितीय सेमेस्टर भूगोल (मानव भूगोल) की परीक्षा आयोजित की गई। नोडल केंद्रों से आगरा के साथ ही मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी के परीक्षा केंद्रों से प्रश्न पत्र पहुंचाने में परेशानी हुई। स्नातक के छात्रों को दो घंटे में ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन (ओएमआर) पर 100 में से 60 प्रश्नों क उत्तर देने थे, सेंट जोंस काॅलेज, आगरा काॅलेज सहित कई केंद्रों पर छात्रों ने 30 मिनट में ही ओएमआर पर उत्तर दर्ज करा दिए। मगर, छात्रों को परीक्षा शुरू होने के डेढ़ घंटे बाद ही परीक्षा केंद्र से बाहर निकलने दिया गया।
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