डकैतों के भय से उजड़ा था प्राचीन क्योरी गांव
प्राचीन क्योरी गांव का प्रवेश द्वार 300 साल पुराना है। ककईया ईंट और चूने से बना है। क्योरी हार गांव के प्रधान अंबेश वर्मा ने बताया कि करीब 50 साल पहले प्राचीन क्योरी गांव उजड़ गया था। दस्यु समस्या के चलते लोग गांव छोड़कर सड़क किनारे निकल आए। हार (खेत) पर सड़क किनारे घर बनाकर बस गए। वहां पर लोगों के घरों के अवशेष खंडहरों के रूप में मौजूद हैं। हादसे के बाद सुरक्षा का सवाल भी उठ खड़ा हुआ है।
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हादसे की रिपोर्ट मांगी है
एसडीएम बाह कृष्णनंद तिवारी ने बताया कि पुलिस से हादसे की रिपोर्ट मांगी गई है। लोगों को खंडहर में आने-जाने से रोकने के लिए निरोधात्मक कार्रवाई करने के लिए कहा है।