एटा में शहीद राजेश यादव की मां से बैंक प्रबंधक द्वारा मांगी गई 50 हजार रुपये रिश्वत मामले की जांच शुरू हो गई है। शनिवार को एसडीएम बैंक पहुंचे और बैंक मैनेजर से मामले की जानकारी ली। बैंक मैनेजर ने बताया गया कि शहीद के खाते में पड़ी रकम को उसके मां के खाते में 8 मई को ही ट्रांसफर कर दिया गया था।
जलेसर तहसील के गांव रेजुआ निवासी राजेश यादव पुत्र नेम सिंह सेना की 57 राष्ट्रीय रायफल्स में तैनात थे। ड्यूटी के दौरान 6 दिसंबर 2018 को वो श्रीनगर में शहीद हो गए थे। शहीद राजेश का एटा स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की शाखा में खाता है, जिसमें उनकी मां रामवती नामित हैं।
रामवती के मुताबिक बेटे के बैंक खाते में तीन लाख से अधिक रुपये जमा हैं। वो इस रकम को अपने खाते में ट्रांसफर कराना चाहती थीं। इसके लिए वो एटा बैंक गईं तो उससे 50 हजार रुपये रिश्वत मांगी गई। उसने इसकी शिकायत अलीगढ़ कमिश्नर व डीएम से की थी। शिकायत का एक पत्र शुक्रवार को अमर उजाला को भी मिला।
अमर उजाला ने किया प्रमुखता से प्रकाशित
जांच के बाद बैंक से निकलते एसडीएम
- फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला ने पूरे मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर प्रकाशित होते ही हड़कंप मच गया। मामले की जांच के लिए एसडीएम सदर नंदलाल को बैंक भेजा गया। एसडीएम ने मामले को लेकर बैंक मैनेजर से पूछताछ की। इस पर बैंक प्रबंधक ने एसडीएम के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए पूरा मामला बताया। एसडीएम ने जांच कर रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है।
एसडीएम नंदलाल ने बताया कि प्रबंधक ने पूछताछ में बताया कि शहीद के खाते की रकम उनकी मां के खाते में ट्रांसफर कर दी गई है। उन्होंने रिश्वत मांगने जैसी बात को नहीं स्वीकार किया। शहीद की मां से भी बात की गई, उन्होंने भी शिकायत वापस लेने की बात कही है।
बैंक प्रबंधक राजेश खंडेलवाल ने कहा कि शिकायतकर्ता रामवती ने अपनी शिकायत वापस ले ली थी। शहीद की मां के खाते में रकम ट्रांसफर भी की जा चुकी है। इस पूरे मामले में कोई अन्य व्यक्ति शामिल है क्योंकि शहीद की मां ने भी यही बताया था कि उन्होंने शिकायत ही नहीं की थी, उनके नाम से किसी और ने शिकायत की है। रिश्वत मांगने जैसी बात बिल्कुल गलत है।