आगरा में राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुरुद्वारा गुरु का ताल के पास शुक्रवार की दोपहर एक निजी स्कूल की बस में आग लग गई। इंजन से धुआं और लपटें निकलने पर चालक ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम कार्यालय के सामने बस को रोक दिया। उसमें सवार 40 से अधिक बच्चे और शिक्षक सवार थे। बच्चे चीखने लगे। आननफानन सभी को उतारा गया। आग लगता देखकर पेट्रोल पंप के कर्मचारी आ गए। उन्होंने अग्निशमन यंत्र से कुछ ही देर में आग बुझा दी।
घटना दोपहर करीब 12:15 बजे हुई। ताजगंज स्थित धांधूपुरा के भारतीय बाल विद्या भवन स्कूल की बस सिकंदरा की तरफ से भगवान टॉकीज की तरफ जा रही थी। गुरुद्वारा गुरु का ताल से आगे निकलने पर बस के अगले हिस्से से धुआं निकलने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ ही देर में इंजन से आग की लपटें निकलने लगीं। चालक ने बस को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम कार्यालय के सामने हाईवे पर रोक दिया। आसपास के लोग आ गए। शिक्षकों ने बच्चों को बस से बाहर निकाला। उन्हें सर्विस रोड स्थित दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में शरण दिलवाई। हाईवे पर स्थित पेट्रोल पंप के कर्मचारी विशाल, प्रशांत और राजकुमार ने अग्निशमन यंंत्र से आग पर काबू पा लिया। मंदिर की सबमर्सिबल पंप को चलाकर पानी डाला गया। इससे आग फैल नहीं सकी।
घटना से हाईवे पर वाहन रुक गए। हालांकि पुलिस को सूचना नहीं मिली। थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक कुमार शर्मा ने बताया कि पुलिस को सूचना नहीं दी गई थी। घटना की जानकारी सोशल मीडिया से मिली है।
मंदिर के पुजारी ने खिलाए केले
घटना के संबंध में शिक्षक कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं थे। बस में हुई घटना के बाद छात्र-छात्राएं घबरा गए थे। दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर के पुजारी छटंकी महाराज ने उन्हें पानी पिलाया, केले भी खिलाए। करीब एक घंटे बाद स्कूल संचालक ने दूसरी बस भेजी। उसमें सवार होकर सभी चले गए। खराब बस को चालक लोगों की मदद से ट्रांसपोर्ट नगर स्थित वर्कशॉप ले गया।
पहले भी हुए हादसे
स्कूल वैन और बस में आग लगने की घटना यह कोई पहली बार नहीं हुई है। कई बार कंडम वाहनों से हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग के अधिकारी नींद में हैं। स्कूली वाहनों में सुरक्षा के इंतजाम नहीं होते हैं। नियमों का पालन भी नहीं किया जाता है। पुलिस और आरटीओ कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति करते हैं।