डॉ. किरन सौजिया एकेडमी में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में मौजूद जिला जल, सीजेएम व प्राधिकरण सचिव
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मैनपुरी। बेटी की शिक्षा के साथ सुरक्षा भी जरूरी है, बेटियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए। बेटियों के जागरूक होने से उन पर होने वाले अत्याचार कम हो सकते हैं। यह बातें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जिला जज बिजेंद्र सिंह ने कहीं। शहर के डॉक्टर किरन सौजिया सीनियर सेकेंडरी एजूकेशनल एकेडमी में शनिवार को विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन हुआ। जिला जज ने कहा कि सरकार और न्याय पालिका बेटियों के प्रति बेहद संवेदनशील है। न्याय पालिका भी बेटी संबंधी अपराध में कड़ा रुख अपनाती है।
जानकारी केे अभाव में बेटियां उत्पीड़न का शिकार होती हैं। प्राधिकरण सचिव तेंद्रपाल ने कहा कि बेटे की चाहत में लोग बेटियों की गर्भ में ही हत्या कर देते हैं। लिंग परीक्षण करना और कराना दोनों कानूनी तौर पर अपराध हैं। इनमें सजा का प्रावधान है। उन्होंने वर्षा जल संरक्षण, पौधरोपण के लिए बच्चों को प्रेरित किया। साथ ही रैगिंग रोकने के लिए बनाए गए कानून की जानकारी बच्चों को दी। इस अवसर पर सीजेेएम ममता सिंह व बाल संरक्षण अधिकारी अलका मिश्रा ने छात्र-छात्राओं को मौलिक अधिकारों के बारे में बताया। विद्यालय के प्रबंधक अशोक यादव ने बेटियों की सुरक्षा और शिक्षा पर प्रकाश डाला।