फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सट्टा बना खटका की मौत का कारण, शव देख भड़के परिजन, बाजार बंद

Fri, 12 Oct 2018 05:30 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला कासगंज
विज्ञापन
बदरिया बाजार में फोर्स के साथ पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
कासगंज जिले के सोरों में सट्टा का अवैध धंधा करने वाले कपड़ा व्यापारी की मौत पर तनाव बना हुआ है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद जब उसका शव सोरों के बदरिया पहुंचा तो परिवार में चीख-पुकार मच गई। 
विज्ञापन


परिजन बाजार में शव रखकर आरोपियों की गिरफ्तारी एवं मृतक के पुत्र को नौकरी देने की मांग करने लगे। क्षेत्र का बाजार भी बंद हो गया। मौके पर पहुंचे सीओ और कोतवाल ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। 

कपड़ा व्यापारी सतीश अग्रवाल उर्फ खटका को हमलावरों ने तीन दिन पहले गोली मार घायल कर दिया था। उसे अलीगढ़ रेफर किया गया, लेकिन हालत में सुधार न होने पर उसे दिल्ली ले जाया जा रहा था। रास्ते में उसकी मौत हो गई। 
विज्ञापन

नामजद रिपोर्ट दर्ज

मरने से पहले सतीश ने पुलिस और अपनी पत्नी को हमलावरों के नाम बता दिए। उसकी पत्नी बबिता ने कस्बे के हरिकांत एवं रमाकांत के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। हत्या के पीछे सट्टा का अवैध धंधा बताया जा रहा है।  

शुक्रवार सुबह पोस्टर्माटम के बाद मृतक का शव उसके घर बदरिया पहुंचा। शव देखकर परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने शव को बाजार में रख दिया और अंतिम संस्कार न करने की जिद पर अड़ गए। 

परिजनों की मांग थी कि हत्यारोपियों को शीघ्र ही गिरफ्तार किया जाए और मृतक के पुत्र को नौकरी दी जाए। काफी देर तक परिजन हंगामा करते रहे। बदरिया के बाजार भी बंद हो गए। आक्रोशित लोगों ने नारेबाजी की। 
विज्ञापन

आरोपियों की तलाश

मौके पर पहुंचे सीओ सिटी गवेंद्र गौतम एवं कोतवाली प्रभारी रिपुदमन सिंह ने परिजनों को समझाया-बुझाया। सीओ के आश्वासन पर परिजन शांत हुए। इसके बाद सतीश के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

आरोपी फरार हैं, लेकिन यह स्पष्ट हो गया कि यह हत्या सट्टे के वर्चस्व में हुई है। पुलिस का भी मानना है कि सट्टे को लेकर विवाद हुआ था। वहीं सीओ सिटी गवेंद्र गौतम ने कहा कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। शीघ्र ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें