मगर, रखरखाव के अभाव में अधिकांश गोल्फ कार्ट या बैटरी बसें वर्कशॉप में ही खड़े रहते हैं। ऐसे में इन प्रदूषण रहित वाहनों के अभाव में ताज तक पैदल चलना पड़ता है। शनिवार को रविवार को भीड़ अधिक होने की स्थिति में ज्यादा परेशानी होती है। इसको देखते हुए मंडलायुक्त ने इनके रखरखाव को निजी हाथों में देने की दिशा में कवायद शुरू कर दी है।
मंडलायुक्त अनिल कुमार का कहना है कि ताजमहल पर गोल्फ कार्ट और बैटरी बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है। साथ ही इनका रखरखाव निजी हाथों में देने के लिए विचार करने को कहा है।