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संयम सिर्फ मनुष्य ही धारण कर सकता है

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आगरा। आचार्य विद्या सागर महाराज के शिष्य मुनि वीर सागर महाराज ने शनिवार को छीपीटोला स्थित निर्मल सदन में प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि अष्टानिका पर्व जीवन में संयम सिखाने के लिए आया है। संयम सिर्फ मनुष्य धारण कर सकता है, इसलिए भगवान की पालकी उठाने का अधिकार सिर्फ उसी को मिलता है।
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मुनिश्री ने कहा कि हर व्यक्ति अपने जीवन को उन्नत, सुंदर और सुखी बनाने के लिए पुरुषार्थ करता है। अपनी सोच और ज्ञान के अनुसार आगे बढ़ने का प्रयास करता है। प्रभु की भक्ति सीढ़ी या लिफ्ट की तरह होती है, व्यक्ति जैसे-जैसे भक्ति करता है अपने जीवन में ऊपर उठता है। सभा का मंगलाचरण क्षमा सागर महिला मैत्री समूह की उषा जैन, मुनिया जैन, संगीता जैन, मीना जैन, प्रेमलता जैन ने किया। मीडिया प्रभारी दिलीप जैन ने बताया कि श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर, छीपीटोला में सिद्धचक्र महामंडल विधान अब 24 से जुलाई से शुरू होगा। पहले यह 18 जुलाई से होना तय हुआ था। मुनि वीर सागर, मुनि विशाल सागर, मुनि धवल सागर महाराज के चातुर्मास का मंगल कलश स्थापना का कार्यक्रम 25 जुलाई को होगा।
आगरा। आचार्य विद्या सागर महाराज के तीनों शिष्यों को छीपीटोला में चातुर्मास सुनिश्चित होने से क्षेत्रवासी खुश हैं। दिलीप जैन का कहना है कि मुनियों के चातुर्मास और सिद्धचक्र महामंडल विधान क्षेत्र में होने जा रहा है, इससे मन आनंदित है। हर कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया जाएगा। प्रशांत जैन का कहना है कि मुनियों का सानिध्य चार माह तक मिलेगा, यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है। संगीता जैन का कहना है कि मुनियों के दर्शन की अभिलाषा पूरी हो गई है। अब इनके प्रवचन के रसपान का अवसर मिलेगा। मुनिया जैन का कहना है कि तीनों मुनियों का आगरा में चातुर्मास सुनिश्चित होना क्षेत्र वासियों के लिए सौभाग्य की बात है।
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