21 और 22 सितंबर को विहिप की मीटिंग दिल्ली कार्यालय में हुई थी। इस मीटिंग में विहिप के पदाधिकारियों ने कहा था कि वह लोग जब पब्लिक के बीच में जाते हैं तो उनसे पूछा जाता है कि मंदिर का क्या हुआ। अब तो दिल्ली और लखनऊ में भाजपा की सरकार है फिर क्यों खामोश हैं।
विहिप के उत्तर प्रदेश धर्माचार्य संपर्क प्रमुख कैप्टन हरिहर शर्मा ने बताया कि इस मीटिंग में राम मंदिर मुद्दे को लेकर ही चर्चा होनी है। संत समाज अपना मत रखेगा। दो दिवसीय मीटिंग होगी। कई दूसरे मुद्दों को भी उठाया जा रहा है।
विहिप के क्षेत्रीय संगठन मंत्री मनोज वर्मा ने बताया कि इस मीटिंग में संत समाज को बुलाया गया है। संत जो भी निर्णय लेंगे उसी आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। अगर कार सेवा का एलान होता है तो सभी मिलकर कारसेवा भी करेंगे। अब हर तरफ मंदिर निर्माण को लेकर माहौल बन रहा है।