आगरा के जगदीशपुरा क्षेत्र में 11 वीं की छात्रा से दुष्कर्म के मामले में 56 दिन से फरार चल रहे 10 हजार के इनामी मुख्य आरोपी ने शुक्रवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। वो आगरा से लोकसभा चुनाव लड़ चुके सपा नेता का बेटा है। कोर्ट ने उसे 12 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
इस मामले में चार आरोपी पहले ही जेल जा चुके हैं। पुलिस मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में विफल रही। यह भी पता नहीं कर पाई कि वह सरेंडर करने के लिए जा रहा है। जबकि उसका पिता उसे अपने समर्थकों के साथ लेकर पहुंचा।
छात्रा आरोपी के पिता के स्कूल में ही पढ़ती थी। सितंबर में पांच युवकों ने उसके साथ अलग-अलग दुष्कर्म किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। छात्रा के पिता ने तहरीर दी तो पुलिस ने आरोपियों को बचाने की कोशिश की। केस छेड़छाड़ में दर्ज किया। आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद थाने से छोड़ दिया।
आईजी रेंज से की गई थी शिकायत
इस पर छात्रा के पिता ने आईजी रेंज ए सतीश गणेश से शिकायत की। तब जाकर केस दुष्कर्म की धारा में दर्ज हुआ और आरोपियों की तलाश शुरू की गई। दस दिन में ही हेमंत, धर्मेंद्र, सतेंद्र और विमल को गिरफ्तार कर लिया।
सपा नेता के बेटे ने पहले अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की। इसके बाद सरेंडर के लिए अर्जी डाली। पुलिस कह रही थी कि उसकी तलाश चल रही है। दो दिन कचहरी केबाहर भी पुलिस तैनात की गई। लेकिन शुक्रवार को जब वह सरेंडर करने के लिए तो पुलिस वहां नहीं थी।
आरोपी पिता के साथ गाड़ी में आया। पिता समर्थकों को भी साथ लेकर पहुंचा था। उसकी तरफ से पैरवी अधिवक्ता अरविंद शर्मा, दीवान सिंह, हरेंद्र यादव, विमल पाल बघेल और प्रवेश सोलंकी ने की।
स्कूल में लगा दिया था ताला
पुलिस ने सपा नेता के बेटे को पकड़ने के लिए 20 दिन पहले उसके स्कूल में दबिश दी थी। इस पर सपा नेता ने स्कूल में ताला लगा दिया था। इस पर अभिभावकों ने विरोध किया। शिक्षकों को वेतन भी नहीं दिया गया।
दरोगा के हमलावर को भी नहीं पकड़ पाई थी पुलिस
दस दिन में यह दूसरा मौका है जब पुलिस इनामी को नहीं पकड़ पाई। दरोगा निशाकम त्यागी पर इरादत नगर में हमला करने के आरोपी बबलू पर भी दस हजार का इनाम था। उसने सरेंडर किया और पुलिस देखती रह गई थी।