एआरटीओ में पहुंचे प्रभारी मंत्री के साथ अफसर व भाजपा विधायक
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जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह शुक्रवार दोपहर अचानक एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। प्रभारी मंत्री की छापामारी के दौरान दलाल किस्म के लोग दीवार फांद कर भागने लगे।
विभागीय कर्मचारियों में भी खलबली मच गई। खामियां और शिकायत मिलने पर प्रभारी मंत्री ने एआरटीओ, कर निरीक्षक एवं लाइसेंस विभाग के बाबू को फटकार लगाई। एआरटीओ को कार्यालय का माहौल सुधारने की हिदायत दी।
दोपहर करीब 12 बजे पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में गार्ड ऑफ ऑनर लेने के बाद प्रभारी मंत्री मोती सिंह अचानक अधिकारियों के साथ एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। मंत्री का काफिला देख दलाल दीवार फांद कर भाग खड़े हुए।
कार्यालय में घुसते ही प्रभारी मंत्री ने एआरटीओ से कहा कि आपकी कई शिकायतें हैं। प्रभारी मंत्री ने कर विभाग, वाहन फिटनेस एवं वाहन चालकों के लाइसेंस पटल का निरीक्षण किया।
इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने विभागीय कर्मचारियों पर अवैध वसूली के आरोप लगाए। इस दौरान मेयर नूतन राठौर, विधायक मनीष असीजा, विधायक डा. मुकेश वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष अमोल यादव, जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह, एसएसपी सचिंद्र पटेल, नगर मजिस्ट्रेट कुंवर पंकज आदि मौजूद थे।
फिटनेस प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराएं
एआरटीओ कार्यालय में फिटनेस कराने आए कई वाहनों की स्थिति ठीक नहीं थी। प्रभारी मंत्री ने एआरटीओ व आरआई से पूछा इन वाहनों को भी फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करेंगे क्या...। इस पर दोनों निरुत्तर हो गए।
उन्होंने सख्ती से कहा कि मानक पूरे करने वाले वाहनों को फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करें। वसूली की शिकायत पर उन्होंने गत एक सप्ताह में जारी फिटनेस प्रमाण पत्रों के सत्यापन के निर्देश डीएम को दिए।
लाइसेंस विभाग के बाबू को फटकार
वाहन परिचालन लाइसेंस बनाने वाले पटल पर लोगों की भीड़ लगी थी। आवेदकों ने बाबूओं पर अवैध वसूली के आरोप लगाए। शिकायतों के मद्देनजर प्रभारी मंत्री ने बाबू फटकार लगाई। कहा सुधार कर लो।
कर्मचारियों के नाम अंकित कराएं
कुछ लोगों ने प्रभारी से कहा कि अधिकारियों की शह पर कुछ बाहरी लोग कामकाज में दखलंदाजी करते हैं। सरकारी रिकार्ड रूम में भी बाहरी लोगों की मनमानी हावी है। इस उन्होंने एआरटीओ तैनात कर्मचारियों की जानकारी ली एवं नाम कार्यालय के बाहर अंकित कराने के निर्देश दिए।