जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक के दाैरान जिलाधिकारी मनीष बंसल का सख्त रुख देख अधीनस्थों के होश उड़ गए। डीएम ने 10 स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों का वेतन रोकने के आदेश दिए। साथ ही लापरवाह आशाओं को कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए।
आगरा के डीएम मनीष बंसल ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा की। शून्य प्रसव वाले 10 स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों का वेतन रोकने, काम नहीं करने वाली आशाओं को बर्खास्त करने के निर्देश दिए हैं।
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बैठक में 10 नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डिलीवरी का आंकड़ा शून्य मिला। डीएम ने छत्ता, नगलापदी, वैभव नगर, सेवला, लोहामंडी-1, शाहगंज-1 सहित 10 केंद्र प्रभारियों का वेतन तत्काल रोकने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि जननी सुरक्षा योजना के भुगतान में लापरवाही पर जिला महिला अस्पताल, एसएन मेडिकल कॉलेज समेत बिचपुरी, फतेहाबाद, पिनाहट और खैरागढ़ के प्रभारियों का वेतन भी रोक जाएगा।
डीएम ने प्रसव और पोलियो अभियान में काम नहीं करने वाली आशाओं को चिह्नित कर उन्हें कार्यमुक्त करने के आदेश दिए। कहा कि जननी सुरक्षा योजना का लाभ सीधे महिलाओं को मिले, इसके लिए अब प्रसव के तुरंत बाद इंडियन पोस्टल पेमेंट बैंक के जरिये अस्पताल में ही उनका खाता खुलवाया जाएगा। इसके बाद ही उन्हें डिस्चार्ज किया जाएगा। बैठक में सीडीओ प्रतिभा सिंह और सीएमओ डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव समेत स्वास्थ्य विभाग के तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
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जिला स्तर पर ही होगा आयुष्मान कार्ड में सुधार
अब आयुष्मान कार्ड में हुई गलतियों जैसे- पिता का नाम, पता, उम्र या गलत आधार नंबर को सुधरवाने के लिए लखनऊ के चक्कर नहीं काटने होंगे। यह सुधार अब जिला स्तर पर ही हो जाएगा। डीएम ने कहा कि जन्मजात बहरेपन, फटे होंठ या डाउन सिंड्रोम जैसे बर्थ डिफेक्ट की पहचान के लिए जिला अस्पताल में एक विशेष साउंड रूम बनाया जाएगा। स्कूलों में भी ऐसे बच्चों का सर्वे होगा। अप्रैल माह में दो प्रसूताओं और पांच नवजातों की मौत पर डीएम ने गंभीर नाराजगी जताते हुए केस स्टडी रिपोर्ट तलब की है।