हिस्ट्रीशीटर पर पहला मामला 1994 में मारपीट, बलवा और लूट का दर्ज हुआ था। आरोप है कि वह रंगबाजी करता था। वर्ष 2008 में तत्कालीन एसएसपी नीरा रावत व पुलिस पर पथराव कराया था। मामूली विवाद को बड़ा रूप देकर बवाल कराने का प्रयास किया था।
विभिन्न थानों में 38 से अधिक प्राथमिकी में आरोपी हिस्ट्रीशीटर अली शेर के खिलाफ गुंडा एक्ट में कार्रवाई की गई है। अपर पुलिस आयुक्त सचिंद्र पटेल ने जिला बदर करने के आदेश किए हैं। नोटिस तामील होने के बाद उसे जिले की सीमा से बाहर भेजा जाएगा। इसके बाद 6 महीने तक जिले की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेगा।
विज्ञापन
पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक, अली शेर लोहामंडी के सय्यद पाड़ा में सक्रिय था। वह थाना लोहामंडी का हिस्ट्रीशीटर है। उस पर पहला मामला 1994 में मारपीट, बलवा और लूट का दर्ज हुआ था। आरोप है कि वह रंगबाजी करता था। वर्ष 2008 में तत्कालीन एसएसपी नीरा रावत व पुलिस पर पथराव कराया था। मामूली विवाद को बड़ा रूप देकर बवाल कराने का प्रयास किया। डर की वजह से उसके खिलाफ कोई बोलने को तैयार नहीं होता था। उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है।
21 अगस्त 2025 को उसे यूपी गुंडा एक्ट के तहत नोटिस जारी किया गया। शिकायतें मिलने पर पुलिस ने सत्यापन कराया। बीट सूचनाओं के बाद अली शेर के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई। अपर पुलिस आयुक्त सचिंद्र पटेल ने बताया कि कोर्ट की ओर से जिला बदर की कार्रवाई की गई है। जिले की सीमा में निर्धारित तिथि से पहले आने पर कार्रवाई की जाएगी। उसके खिलाफ एक और मामला दर्ज किया जाएगा। इसका आदेश थाने भेजा जाएगा। इसके बाद आदेश को तामील कराया जाएगा। इसके बाद उसे जनपद के बाहर छोड़ दिया जाएगा।