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संत प्रेमानंद के शिष्य ने दी जान: शांत स्वभाव के थे दीपक, न करते थे किसी से अधिक बात; कॉल डिटेल से खुलेगा राज

Mon, 28 Sep 2026 03:19 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, मथुरा

सार

संत प्रेमानंद के शिष्य ने की खुदकुशी के मामले में नई जानकारी सामने आई है। दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारीशरण शांत स्वभाव के थे। दीपक किसी से ज्यादा बात नहीं करते थे। अब पुलिस कॉल डिटेल खंगाल रही है। मथुरा के गऊ कृपा कुंज आश्रम की छत से कूदकर साधक ने शुक्रवार को जान दे दी थी।
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premanand maharaj - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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मथुरा के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारीशरण की आत्महत्या के मामले में पुलिस अभी तक किसी निष्कर्ष नहीं पहुंच पाई है। पुलिस की कई टीमें अलग-अलग जांच में जुटी हैं। दीपक की मोबाइल कॉल डिटेल खंगालने से लेकर आश्रम में रहने वाले शिष्यों से पूछताछ की जा रही है।
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पूछताछ में पता चल कि दीपक किसी से ज्यादा बात नहीं करते थे और अपने वह कमरे में शांत बैठ रहते थे। सीसीटीवी कैमरे से आत्महत्या की बात तो स्पष्ट हो गई लेकिन पुलिस प्राइवेट पार्ट काटने के कारणों की जांच कर रही है। वहीं घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें दीपक सड़क पर गिरते नजर आ रहे हैं।

पुलिस आश्रम में दीपक के साथ रहने वाले शिष्य जुगलशरण के अलावा अन्य आसपास के दुकानदारों से भी जानकारी कर रही है। पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार दुलारीशरण बिजली का काम जानते थे, ऐसे में आश्रम में इस काम में सहयोग करते थे। 

 

पुलिस आश्रम में आने-जाने वालों की डेटा बना रही है। वहीं दुलारीशरण के कमरे में आने-जाने और उससे संपर्क रखने वाले लोगों की सूची तैयार कर उनसे जानकारी जुटाई जाएगी। दुलारीशरण की मौत के बाद आश्रम प्रबंधन की चुप्पी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। 

 

सीओ वृंदावन संदीप सिंह का कहना है कि पुलिस कई बिंदुओं के साथ प्राइवेट पार्ट काटने के कारणों की जांच कर रही है। दुलारीशरण की मौत के मामले में ब्रज के संत निष्पक्ष जांच चाहते हैं। कुछ संतों ने मामले में मजिस्ट्रियल जांच की मांग की तो कुछ ने सीबीआई से जांच कराने की।

परिजन से नहीं मिले संत प्रेमानंद
शिष्य रसिक दुलारीशरण संत प्रेमानंद महाराज के दीक्षित परिकर थे। उनके शव का वृंदावन के केसी घाट पर अंतिम संस्कार करने के बाद परिजन जबलपुर के लिए रवाना हो गए। हालांकि इस दौरान उन्हें संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन नहीं हो पाए। 

 

दुलारीशरण के छोटे भाई मनीष ने बताया कि वह लोग जबलपुर निकल आए हैं। कहा कि अगर संत प्रेमानंद महाराज परिजन से मिलते तो वह उनसे पूछते की महाराजजी आपके होते हुए ऐसा कैसे हो गया।
 

रोती-बिलखती मां लौंगदेवी ने कहा बेटे की मौत ने उन्हें झकझोर दिया है। उनकी कुछ समझ में नहीं आ रहा है। पिछली बार जब बेटे से मुलाकात हुई तो उन्होंने समझाया था कि बेटा तुम घर लौट चलो, तब उसने कह दिया कि मां अब तो मेरा यही घर हैं।

चूंकि संत के आश्रम में था, लग रहा था कि सुरक्षित होगा लेकिन जब दो वर्षों से प्रबंधन ने न मिलने दिया और न बात कराई। उन्हें हमेशा बेटे की चिंता सताती रहती थी अब उनका बेटा हमेशा के लिए साथ छोड़कर चला गया।
 

यह है पोस्टमार्टम रिपार्ट
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दीपक की मौत का कारण अधिक रक्तस्त्राव, गंभीर चोटें आईं हैं। उनके सीधे पैर में एडी से ऊपर की हड्डी टूटी हुई थी। पैर का मांस भी फट गया था। सिर में चोट, प्राइवेट पार्ट कटा व आसपास चोट मिली है।

 

अंगुलियों के निशान ही होंगे अहम सुबूत
सीओ वृंदावन संदीप कहते हैं कि मामला केवल आत्महत्या का नहीं है। प्राइवेट पार्ट काटना अपने आप में गंभीर विषय है। कमरे में मिला ग्राइंडर इस घटना में बड़ा साक्ष्य है। फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट इस प्रकरण में बड़े साक्ष्य के रूप में सामने होगी। फॉरेंसिक टीम ने ग्राइंडर से जांच के नमूने लेकर जांच शुरू कर दी है।

 

आश्रम के बाहर सन्नाटा, कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं
संत प्रेमानंद महाराज के गुरु गौरांगीशण महाराज की लगी में गऊ कृपा कुंज जैसे दर्जन भर से अधिक आश्रम हैं लेकिन इस घटना के बाद वहां कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। कुछ शिष्यों ने कहा कि हमें आदेश नहीं है, कुछ भी बताने के लिए। 

 

आश्रम के बाहर काम कर रही लेबर इस मामले में जानकारी की गई तो उसने भी कहा कि घटना के बारे में कुछ जानकारी नहीं है। वह बाहर से आए तो उन्होंने महाराज को सड़क पर पड़ा हुआ देखा था।

 
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आश्रम की छत से कूदकर संत प्रेमानंद महाराज के साधक ने दी जान
मथुरा के वृंदावन के वराह घाट मार्ग पर गऊ कृपा कुंज आश्रम की छत से कूदकर संत प्रेमानंद महाराज के साधक (परिकर) ने  शुक्रवार को जान दे दी थी। छत से नीचे गिरने के बाद अन्य साधक उन्हें अस्पताल लेकर गए लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। साधक का प्राइवेट पार्ट कटा हुआ था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और आश्रम पर जांच के लिए पहुंच गई। जांच के दौरान पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया।
 
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