मैनपुरी। दो सहकारी समितियों में लंबे समय से सचिव को ज्वॉइन नहीं कराया जा रहा है। इससे उनका संचालन बंद है। कई बार नोटिस के बाद भी सचिव को ज्वॉइन नहीं कराया गया। अब जिलाधिकारी ने दोनों प्रबंध समितियों को भंग करने का नोटिस जारी किया है। अगर सचिव को ज्वॉइन नहीं कराया जाता है तो प्रबंध समिति भंग करने की कार्रवाई की जाएगी।
सहकारी समितियों का संचालन चुनी गई प्रबंध समितियों और सहकारिता विभाग की ओर से तैनात सचिव संयुक्त रूप से करते हैं। विकास खंड घिरोर की सहकारी समिति नगला धीप और विकास खंड सुल्तानगंज की सहकारी समिति आलीपुर पट्टी पिछले एक साल से ठप पड़ी है।
पहले सचिव न होने के चलते समस्या थी, लेकिन सचिवों की नियुक्ति के बाद भी उन्हें प्रबंध समिति ने ज्वॉइन नहीं कराया। आलीपुर पट्टी की प्रबंध समिति को सहकारिता विभाग ने दो बार और नगला धीप की प्रबंध समिति को चार बार नोटिस जारी किया है। इसके बाद भी जब बात नहीं बनी तो सहकारिता विभाग ने सख्त कदम उठाया है।
अब उत्तर प्रदेश सहकारी समिति अधिनियम 1965 की धारा 35 के तहत जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने प्रबंध समिति भंग करने के लिए नोटिस जारी किया है। अगर तत्काल सचिव को ज्वॉइन नहीं कराया गया तो समिति को भंग करने की कार्रवाई प्रस्तावित कर दी जाएगी। इसके लिए प्रबंध समिति स्वयं जिम्मेदार होगी।
किसानों को हो रही परेशानी
दोनों समितियों में सचिव न होने से बीज और खाद का वितरण ठप पड़ा है। इससे सबसे अधिक परेशानी क्षेत्रीय किसानों को हो रही है। सहकारिता विभाग लगातार किसानों की समस्या को ध्यान में रखते हुए सचिवों को ज्वॉइन कराने का प्रयास कर रहा है, लेकिन प्रबंध समिति इसके लिए तैयार नहीं है।
खाद का स्टॉक भी हो रहा खराब
सहकारी समिति आलीपुर पट्टी में पूर्व में आई खाद के स्टॉक का भी वितरण नहीं हो सका। लगभग डेढ़ सौ बोरी का स्टॉक एक साल से गोदाम में बंद पड़ा है। सचिव की ज्वॉइनिंग के बिना इसका निस्तारण भी संभव नहीं है।
इन सचिवों की हुई है नियुक्ति
खाली पड़ी दोनों समितियों में शासन ने सचिवों की नियुक्ति करीब छह माह पहले की थी। इसमें सहकारी समिति आलीपुर पट्टी पर असनीर कुमार और सहकारी समिति नगला धीप में संजय सिंह की तैनाती की गई थी। हालांकि अब तक दोनों को ही कार्यभार नहीं मिल सका है।
वर्जन
दोनों प्रबंध समितियों को कई बार पत्र भेजकर सचिवों को ज्वॉइनिंग देने का आग्रह किया गया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अब सहकारिता अधिनियम के तहत जिलाधिकारी की ओर से प्रबंध समिति भंग करने का नोटिस जारी किया गया है। विवेक यादव, सहायक निबंधक एवं सहायक आयुक्त सहकारिता।