मैनपुरी। सिख समाज 21 दिसंबर से 28 दिसंबर तक गुरु गोविंद सिंह के चार साहिबजादों और माता की शहादत दिवस मना रहा है। शहर के गुरुद्वारा साहिब में लंगर लगाया गया। पंजाबी कॉलोनी के बाहर चाय के लिए लंगर लगाया गया।
रंजीत कालरा ने बताया कि गुरु गोबिंद सिंह के चार साहिबजादों और माता गुजरी कौर की शहादत पर सिख समाज द्वारा कोई खुशी नहीं मनाई जाती। इस दिन कोई विवाह, ग्रह प्रवेश, घर में मीठे पकवान, जन्मदिन आदि नहीं मनाते। इसके अलावा गर्म दूध व लंगर की व्यवस्था संगत के लिए की जाती है। इन दिनों सभी सिख परिवार अमृत समय में बच्चों के साथ प्रभु सिमरन करते है।
21 से 28 दिसंबर तक शहर के विभिन्न गुरुद्वारा साहिब में समागम व मुकाबले करवाए जाएंगे। इसमें संगत को चार साहिबजादों की शहादत के बारे में बताया जाएगा। शनिवार को शहर के सी आर बी मेमोरियल पब्लिक स्कूल में भी सफर ए शहादत दिवस को समर्पित कार्यक्रम आयोजित हुआ।
इसमें डिप्टी एसपी संतोष कुमार सिंह ने सभी को बताया कि युवा पीढ़ी को चार साहिबजादों के अविस्मरणीय बलिदान को याद रखना चाहिए। उन्होंने युवाओं को साहिबजादों के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। राष्ट्रीय कवि उमा शंकर राही ने चमकौर का युद्ध कविता के द्वारा वाचन कर सभी को उस पल के साथ एकाग्र कर दिया। स्कूल के बच्चों ने गुरु गोबिंद सिंह और साहिबजादों की सुंदर चित्र कला प्रस्तुत की एवं उनके इतिहास से सबको रूबरू कराया।
इस अवसर पर प्रधानाध्यापक उपेन्द्र मिश्रा, प्रबंधक पुनीत चांदना, अध्यक्ष अमित कुमार, महेश कालरा, राजेश अरोरा, रंजीत सिंह, नाहर सिंह, गुरमीत सिंह, सचिव नरेंद्र कालरा आदि मौजूद रहे।