साध्वी ऋतम्भरा ने कहा कि सन 2022 से पहले राम मंदिर निर्माण की संभावनाएं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर ट्रस्ट के लिए तीन माह के लिए सरकार को आदेश दिया है। घर-घर से पूजित शिलाएं प्रतीक्षारत हैं। पूरा विश्व इस मंदिर का निर्माण बहुत शीघ्रता से करेगा।
उस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। मार्च तक उसका भी फैसला आ जाएगा। उन्होंने कहा कि रामलला मुकदमा लड़ रहे थे। वह विजयी हुए हैं। उनका स्थान उनको प्राप्त हुआ है।
यह भी विचारणीय है कि सारा संसार उनकी कृपा से पलता बढ़ता है, उन्हें स्वयं किसी मुकदमे की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। यह भी एक भारत में देखने वाला विचित्र दृश्य है।
बहुत लोग हैं जिन्होंने भगवान राम के अस्तित्व पर ही प्रश्रचिह्न खड़े किए। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद रामजन्म भूमि के सारे विवाद समाप्त हो गए हैं। इससे बढ़कर आनंद का कोई विषय नहीं हैं।
निर्मोही अखाड़े को पूजा सेवा का अधिकार न मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जिसकी जो भूमिका होगी उसको वह अधिकार मिलेगा। ओवैसी द्वारा खैरात में जमीन नहीं चाहिए के बयान पर साध्वी ऋतम्भरा ने कहा कि भारत की जड़ों से जुड़कर ही सबका कल्याण है। अगर संसार को शांति का संदेश देना है कि तो सभी को बड़ा मन करना चाहिए। कुछ लोग विघ्न संतोषी होते हैं। वह बंटवारे के रोगी होते हैं।