उत्तर प्रदेश में शासन ने ठेले व खोमचे वालों से तहबाजारी वर्ष 2007 में बंद कर दी थी। मगर, दयालबाग क्षेत्र में ऐसा नहीं है। यहां ठेल वालों से 30 रुपये प्रतिदिन लिए जाते हैं। साथ ही ठेल वाले को साफ-सफाई का ख्याल भी रखना पड़ता है। विक्रेता साथ में झाड़ू और डस्टबिन लेकर आते हैं। रोजाना कर्मचारी भी इन पर नजर रखते हैं।
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रोजाना लिए जाते हैं 30 रुपये
दयालबाग नगर पंचायत क्षेत्र में न्यू आगरा थाना रोड से पोइया घाट तक ठेल लगती हैं। अमर उजाला की टीम ने एक विक्रेता से बात की। उसने बताया कि ठेल लगाने वालों से रोजाना 30 रुपये लिए जाते हैं। हर महीने 900 रुपये लगता है। इसके बदले में वो कहीं भी अपनी ठेल लगा सकते हैं। दयालबाग नगर पंचायत के लोग एक पर्ची देकर जाते हैं।
ये भी हैं खास नियम
साथ ही एक नियम भी बनाया गया है। ठेल लगाने के साथ साफ-सफाई का ख्याल भी रखना होगा। इसके लिए रोजाना दुकानदार अपने साथ डस्टबिन के साथ झाड़ू लेकर आते हैं। आसपास सफाई करते हैं। ग्राहकों से भी बोलते हैं कि वो कूड़ा डस्टबिन में ही डालें। रोजाना दयालबाग नगर पंचायत से जुड़े अधिकारी निरीक्षण भी करते हैं। आसपास तकरीबन 100 से अधिक ठेल लगती हैं।